शादी में पत्नी ने क्यों लिया था घूंघट? खान सर ने बताई वजह, बोले- हम पर्दा प्रथा के समर्थक नहीं
प्रसिद्ध शिक्षक और यूट्यूबर खान सर ने अपनी शादी के दौरान पत्नी के घूंघट लेने को लेकर उठे सवालों पर विस्तार से अपनी बात रखी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी परंपरा या पर्दा प्रथा के समर्थन में नहीं, बल्कि सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखकर लिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को लेकर उन्हें चिंता थी।
पर्दा प्रथा का समर्थन नहीं करते: खान सर
शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में खान सर ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पर्दा प्रथा के समर्थक नहीं हैं। उनके अनुसार, समाज और विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर मुखर रहने के कारण उन्हें अक्सर आलोचनाओं और विरोध का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार, विशेषकर पत्नी की पहचान और निजता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूंघट का फैसला किसी सामाजिक परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नहीं लिया गया था।
AI के दुरुपयोग को लेकर जताई चिंता
खान सर ने बताया कि उन्हें आशंका थी कि यदि उनकी पत्नी का चेहरा सार्वजनिक हो जाता, तो कुछ लोग AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर फर्जी या आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी संभावना को देखते हुए दोनों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया। उनके अनुसार, शादी के दौरान इस्तेमाल किया गया घूंघट हल्का और पारदर्शी था, जिससे उनकी पत्नी सामान्य रूप से देख सकती थीं।
सार्वजनिक जीवन के कारण लिया गया फैसला
खान सर ने कहा कि वह अक्सर शिक्षा, पेपर लीक और अन्य सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। ऐसे मामलों में कई बार सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के परिवारों को भी निशाना बनाया जाता है। उनका कहना था कि इसी कारण उन्होंने अपनी पत्नी की पहचान को सार्वजनिक मंचों पर सीमित रखने का फैसला किया, ताकि अनावश्यक विवादों और संभावित दुरुपयोग से बचा जा सके।
2025 में हुई थी शादी
खान सर की शादी 7 मई 2025 को हुई थी। उन्होंने इस समारोह को पूरी तरह निजी रखा और बाद में अपनी ऑनलाइन क्लास के दौरान छात्रों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 2 जून 2025 को पटना में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कई अतिथि शामिल हुए। शादी के बाद भी उन्होंने अपने निजी जीवन को सार्वजनिक चर्चा से काफी हद तक दूर रखा है।
निजता और डिजिटल सुरक्षा पर फिर शुरू हुई चर्चा
खान सर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर निजता, डिजिटल सुरक्षा और AI तकनीक के संभावित दुरुपयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ व्यक्तिगत तस्वीरों और डिजिटल पहचान की सुरक्षा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।