वंदे मातरम् अपमान विधेयक पर पवन खेड़ा का सरकार पर हमला, बोले- असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा
संसद के मानसून सत्र के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रस्तावित वंदे मातरम् अपमान विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए विधेयक ला रही है। साथ ही उन्होंने NEET, सोनम वांगचुक के आंदोलन, राम मंदिर दान विवाद और सर्वदलीय बैठक जैसे विषयों पर भी कांग्रेस का पक्ष रखा।
‘वंदे मातरम् अपमान विधेयक ध्यान भटकाने की कोशिश’
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए-नए विषय सामने ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों के बजाय राजनीतिक विमर्श को दूसरी दिशा में ले जाना है। खेड़ा ने कहा कि संसद गंभीर चर्चा का मंच है और वहां ऐसे विषयों पर प्राथमिकता से बहस होनी चाहिए जो सीधे आम जनता से जुड़े हों।
NEET मुद्दे पर कांग्रेस का रुख दोहराया
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विषय को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाएगी तथा छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।
सोनम वांगचुक के आंदोलन पर भी रखी बात
खेड़ा ने सोनम वांगचुक से जुड़े आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कई मांगें सामने आई हैं और कांग्रेस छात्रों तथा शिक्षा सुधार से जुड़े विषयों को गंभीरता से देखती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी इस विषय की गंभीरता को दर्शाती है।
राम मंदिर दान विवाद पर सरकार को घेरा
अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े कथित विवाद का उल्लेख करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले ने कई श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रभावित किया है। उन्होंने मांग की कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। खेड़ा ने कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
सर्वदलीय बैठक को लेकर भी उठाए सवाल
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बैठक में कुछ निर्णयों और आमंत्रणों को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन सभी दलों की जिम्मेदारी है और विपक्ष अपनी आपत्तियां लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा। खेड़ा ने केंद्र सरकार से संसद के भीतर संवाद और सहयोग का माहौल बनाए रखने की अपील भी की।