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Pakistan Defence Budget: आर्थिक दबाव के बीच 3,000 अरब तक पहुंच सकता है पाकिस्तान का रक्षा बजट, भारत से तनाव के बाद बढ़ी तैयारी

पाकिस्तान वित्तीय संकट और IMF के दबाव के बावजूद रक्षा खर्च में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट लगभग 3,000 अरब पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है। भारत के साथ बढ़ते तनाव, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और सैन्य आधुनिकीकरण को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

रक्षा बजट में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी

पाकिस्तानी मीडिया सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, शहबाज शरीफ सरकार आगामी बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए करीब 3,000 अरब पाकिस्तानी रुपये आवंटित कर सकती है। बताया जा रहा है कि सेना ने भारत और अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा हालात, आतंरिक आतंकवाद और ऑपरेशनल जरूरतों का हवाला देते हुए करीब 25 प्रतिशत अतिरिक्त बजट की मांग की है। हाल के वर्षों में पाकिस्तान लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर देता रहा है।

आर्थिक संकट के बावजूद सेना को प्राथमिकता

पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों, महंगाई और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहा है। इसके बावजूद रक्षा खर्च सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, नियमित रक्षा बजट के अलावा सेना को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराया जा सकता है, जिसे अलग से आवंटित किया जाएगा।

IMF के दबाव और सैन्य जरूरतों के बीच फंसी सरकार

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पाकिस्तान पर सरकारी खर्च घटाने, कर दायरा बढ़ाने और वित्तीय सुधार लागू करने का दबाव बना रहा है। दूसरी ओर सेना की बढ़ती मांगें और प्रांतों की वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर असहमति सरकार के सामने चुनौती खड़ी कर रही है। ऐसे में इस्लामाबाद प्रशासन को आर्थिक अनुशासन और सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कठिन स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

बजट प्रक्रिया में प्रांतों से मतभेद

वार्षिक बजट को अंतिम रूप देने से पहले नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल (NEC) की बैठक कई बार टालनी पड़ी। संघीय सरकार और चारों प्रांतों के बीच विकास योजनाओं, राजस्व बंटवारे और खर्च में कटौती जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इससे बजट प्रक्रिया में देरी और राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी रही।

भारत के साथ तनाव के बाद बढ़ा रक्षा खर्च

पिछले वर्षों में भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़े तनाव के बाद पाकिस्तान ने रक्षा बजट में लगातार वृद्धि की है। इससे पहले भी सरकार रक्षा आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर चुकी है और बाद में सेना के लिए अतिरिक्त पूरक बजट को मंजूरी दी गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों और सैन्य आधुनिकीकरण की रणनीति के कारण आने वाले वर्षों में भी रक्षा खर्च ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है।

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