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ओमान तट पर जहाज हमले में लापता भारतीय क्रू सदस्य की मौत, परिवार ने की पार्थिव शरीर लाने की अपील

ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में लापता भारतीय क्रू सदस्य की मौत की पुष्टि हो गई है। पुणे निवासी 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर जहाज पर सवार 11 भारतीयों में शामिल थे। घटना के बाद 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि हेरंब लापता हो गए थे। अब उनके परिवार ने पार्थिव शरीर भारत लाने की अपील की है।

लापता भारतीय क्रू सदस्य की मौत की पुष्टि

हमले के बाद से लापता चल रहे मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर के निधन की पुष्टि उनके परिवार ने की है। हेरंब महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले थे और कमर्शियल जहाज GFS Galaxy पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। घटना के बाद से उनकी तलाश जारी थी, लेकिन अब परिवार ने उनके निधन की जानकारी दी है।

10 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर कुल 11 भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद 10 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि हेरंब करमरकर लापता हो गए थे। भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में थी।

हमले के बाद परिवार से हुआ था आखिरी संपर्क

परिजनों के मुताबिक, हमले से कुछ समय पहले हेरंब ने परिवार को संदेश भेजकर बताया था कि उनका जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और स्थिति सामान्य लग रही है। इसके बाद परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। यही संदेश उनके परिवार के साथ उनकी आखिरी बातचीत साबित हुआ।

परिवार ने सरकार से लगाई गुहार

हेरंब करमरकर के परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत लाने की अपील की है। परिवार ने कहा कि वे अपने बेटे को अंतिम विदाई देना चाहते हैं और सरकार से हरसंभव सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।

समुद्री सुरक्षा को लेकर फिर बढ़ी चिंता

ओमान के तट और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हाल के दिनों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने भी ऐसे हमलों पर चिंता जताते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया है।

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