2027 वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम इंडिया का बड़ा प्लान, शुभमन गिल बोले- अब हर कॉम्बिनेशन होगा टेस्ट
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार जीत के साथ सीरीज में बढ़त बना ली है, लेकिन इस जीत से भी बड़ी चर्चा कप्तान शुभमन गिल के उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने साफ संकेत दिया कि टीम इंडिया अब 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अलग-अलग टीम संयोजन आजमाएगी। इससे अनुभवी खिलाड़ियों को भी रोटेशन के तहत आराम मिलने की संभावना बढ़ गई है।
2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर बनेगी नई रणनीति
भारतीय टीम प्रबंधन अब अपनी पूरी तैयारी 2027 वनडे विश्व कप को लक्ष्य बनाकर कर रहा है। कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद कहा कि मौजूदा वनडे सीरीज टीम के लिए प्रयोग करने का सबसे अच्छा अवसर है। टीम प्रबंधन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऐसे संयोजन तलाशना चाहता है, जो भविष्य में सबसे संतुलित और प्रभावी साबित हों। इसी रणनीति के तहत अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके दिए जाएंगे ताकि विश्व कप से पहले हर विकल्प का सही आकलन किया जा सके। इससे टीम की बेंच स्ट्रेंथ भी मजबूत होगी और कठिन परिस्थितियों में बेहतर विकल्प तैयार रहेंगे।
रोटेशन पॉलिसी के संकेत, वरिष्ठ खिलाड़ियों को मिल सकता है आराम
टीम इंडिया की नई योजना के तहत खिलाड़ियों के कार्यभार (वर्कलोड) को संतुलित रखने पर भी जोर दिया जाएगा। ऐसे में रोहित शर्मा, विराट कोहली समेत कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को चुनिंदा मुकाबलों में आराम मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और चयन समिति की रणनीति के अनुसार होगा। रोटेशन पॉलिसी का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को आराम देना नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना भी है, ताकि बड़े टूर्नामेंट में टीम के पास पर्याप्त विकल्प मौजूद रहें।
एजबेस्टन जीत से बढ़ा टीम का आत्मविश्वास
इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत ने 260 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में अक्षर पटेल ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए गेंदबाजी में चार विकेट लिए और बाद में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम के मध्यक्रम और निचले क्रम की मजबूती भी दिखाई। कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि जब निचले क्रम के बल्लेबाज जिम्मेदारी लेकर मैच खत्म करते हैं तो पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ जाता है और कप्तान के रूप में फैसले लेना भी आसान हो जाता है।
गेंदबाजी में युवा खिलाड़ियों पर जताया भरोसा
शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण अपेक्षाकृत युवा था, लेकिन बल्लेबाजी क्रम के अनुभव ने टीम को संतुलन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि टीम के वरिष्ठ बल्लेबाजों की मौजूदगी से कप्तानी करते समय आत्मविश्वास मिलता है। यही कारण रहा कि भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला बरकरार रखा और बाद में लक्ष्य का सफल पीछा किया। युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन ने भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भारत के पास मजबूत गेंदबाजी विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में होगा कॉम्बिनेशन टेस्ट
कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि इंग्लैंड की मौजूदा परिस्थितियां कई मायनों में दक्षिण अफ्रीका जैसी हैं, जहां 2027 वनडे विश्व कप खेला जाएगा। उन्होंने कहा कि नई गेंद शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश करती है, लेकिन बाद में विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो जाता है। ऐसे हालात में विभिन्न बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजनों का परीक्षण करना भविष्य के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। टीम प्रबंधन इसी सोच के साथ आगामी मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों को अवसर देने की तैयारी कर रहा है।
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