नारायणपुर में स्मार्ट मीटर और बिजली नोटिसों पर बढ़ा विवाद, किसानों ने जांच और राहत की उठाई मांग
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर और बिजली विभाग की ओर से जारी सिक्योरिटी राशि के नोटिसों को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के एईएन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नोटिस वापस लेने, विवादित बिजली बिलों की जांच कराने और किसानों को राहत देने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ता राकेश दायमा ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
मंगलवार को नारायणपुर में किसान और ग्रामीण बड़ी संख्या में बिजली विभाग के एईएन कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने धरना देकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिना पर्याप्त जानकारी और स्पष्ट कारण बताए उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राशि जमा कराने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
राकेश दायमा ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ता राकेश दायमा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई किसानों को सामान्य खपत की तुलना में अत्यधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ किसानों को हजारों ही नहीं बल्कि लाखों रुपये तक के बिल जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को भी सिक्योरिटी राशि के नाम पर अतिरिक्त नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उच्चस्तरीय जांच और वसूली पर रोक की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कृषि बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए तथा अब तक जारी हुए विवादित बिजली बिलों और नोटिसों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक विवादित बिलों की वसूली और किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही, यदि जांच में विभागीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की अपील
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन विभागीय अधिकारियों को सौंपा। वहीं राकेश दायमा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर किसान हित में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी राशि के नाम पर जारी नोटिसों की समीक्षा की जाए और उचित समाधान निकाला जाए। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को तहसील स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
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