रेवाड़ी पुलिस मुठभेड़ में अलवर का शातिर बदमाश गिरफ्तार, पुलिस पर की फायरिंग
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में राजस्थान के अलवर जिले के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र का एक शातिर बदमाश घायल होकर गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसमें एक गोली सब-इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस के अनुसार बखापुर फायरिंग मामले के आरोपियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान संदिग्ध बदमाशों ने पुलिस टीम पर अचानक गोलियां चला दीं। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई सब-इंस्पेक्टर की जान
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से चलाई गई एक गोली सब-इंस्पेक्टर फखरुद्दीन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। सुरक्षा जैकेट होने के कारण गोली शरीर को नहीं भेद सकी और उनकी जान बच गई। पुलिस अधिकारियों ने इसे बड़ी राहत बताते हुए कहा कि सुरक्षा उपकरणों के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया।
अलवर का रहने वाला है शातिर आरोपी गोविंद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेवाड़ी के बोलनी गांव निवासी मोहन और राजस्थान के अलवर जिले के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र निवासी गोविंद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गोविंद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती सहित 14 से 15 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस के रडार पर था।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपियों को तुरंत रेवाड़ी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकीय निगरानी के बीच पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि हाल के मामलों और उनके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके।
गैंग और नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी गोविंद और उसके अन्य साथियों के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे और उनके अन्य सहयोगी कहां-कहां सक्रिय हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।