छात्रों की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं, संवाद से निकले समाधान: चिराग पासवान
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि युवाओं के आक्रोश को समझना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में संवाद ही हर समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
छात्रों के आक्रोश को बताया स्वाभाविक
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों और युवाओं में असंतोष होना स्वाभाविक है। उनका कहना था कि जब युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।
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सरकार बातचीत के लिए तैयार
चिराग पासवान ने बताया कि सरकार ने छात्रों से संवाद का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मिलने की इच्छा जताई, तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ उनकी बैठक कराई गई। इस मुलाकात में छात्रों ने अपनी मांगें सीधे सरकार के सामने रखीं। उनके मुताबिक सरकार का उद्देश्य बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना है।
कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर प्रशासन करता है कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन यदि किसी आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है या हिंसा की स्थिति बनती है, तो प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने पड़ते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के पक्षधर नहीं हैं और युवाओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
एनडीए सांसदों की बैठक का भी किया जिक्र
चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए सांसदों के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने युवाओं और छात्रों के भविष्य पर विशेष जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं और उनके बेहतर भविष्य के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।