नरेश मीणा का यू-टर्न: 6 नवंबर को सरेंडर का ऐलान टाला, अब कोर्ट की शरण लेंगे
बारां के नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय में कथित मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में आरोपी नरेश मीणा ने अपनी रणनीति बदल दी है। पहले उन्होंने 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था। अब सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने पुलिस के सामने सीधे सरेंडर करने के बजाय न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। इस बीच पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, नरेश मीणा सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार और जनसंपर्क कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा कर रहे हैं।

BARAN,06 NOV. 2026:
पुलिस की तलाश के बीच सोशल मीडिया पर सक्रिय
बारां जिले में वनकर्मियों से कथित मारपीट और वन विभाग कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में नरेश मीणा की तलाश जारी है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इससे पहले पुलिस ने अटरू थाना क्षेत्र के नया गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर भी तलाशी ली थी। हालांकि, उस दौरान नरेश मीणा वहां नहीं मिले। दूसरी तरफ उनके सोशल मीडिया पेज पर लगातार पोस्ट और वीडियो सामने आ रहे हैं। इनमें वे चुनाव प्रचार और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं।
नदी में कश्ती पर नजर आए, BSP के समर्थन की अपील
गुरुवार को नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इसमें वे प्राकृतिक वादियों के बीच नदी में कश्ती पर सवार नजर आए। उन्होंने 14 नवंबर को प्रस्तावित चौथे चरण के पंचायती राज चुनाव को लेकर बारां क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के चुनाव चिह्न हाथी पर मतदान कर तीसरे मोर्चे का बोर्ड बनाने का आह्वान किया। इस तरह पुलिस की तलाश के बीच उनका राजनीतिक प्रचार भी जारी है।
7 से 12 नवंबर तक जनसंपर्क और रोड शो का कार्यक्रम
नरेश मीणा ने चौथे चरण के पंचायत चुनाव को लेकर 7 से 12 नवंबर तक जनसंपर्क और रोड शो का कार्यक्रम भी घोषित किया है। उनके इस ऐलान के बाद पुलिस की तलाश और चुनावी गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, घोषित कार्यक्रमों में वे किन स्थानों पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचेंगे, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
6 नवंबर को गिरफ्तारी देने का ऐलान अब वापस लिया
इससे पहले नरेश मीणा ने सोशल मीडिया के माध्यम से 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर स्वेच्छा से गिरफ्तारी देने की बात कही थी। लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है। नए संदेश में उन्होंने कहा कि गांव के चारों तरफ पुलिस ने घेराबंदी कर रखी है। उन्होंने समर्थकों से उत्तेजित नहीं होने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की। साथ ही कहा कि वे सुरक्षित हैं और अब पुलिस के सामने सीधे गिरफ्तारी देने के बजाय न्यायालय की शरण लेंगे।
क्या है नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय का पूरा विवाद?
पूरा मामला 1 नवंबर को बारां जिले के नाहरगढ़ स्थित वन विभाग के रेंज कार्यालय में हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, वन विभाग की टीम ने वन भूमि पर कथित अवैध ट्यूबवेल के लिए इस्तेमाल हो रहा जनरेटर जब्त किया था। इसके विरोध में नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ रेंज कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान कार्यालय में हंगामा और तोड़फोड़ हुई। वनकर्मियों के साथ मारपीट की गई और जब्ती से जुड़े दस्तावेज फाड़े गए। जब्त जनरेटर को भी वहां से ले जाने का आरोप लगाया गया है।
चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार, नरेश मीणा की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। वनकर्मी की शिकायत के आधार पर नाहरगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसमें सरकारी काम में बाधा, कर्मचारियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। अब नरेश मीणा के न्यायालय जाने के ऐलान के बाद अगला घटनाक्रम उनकी ओर से उठाए जाने वाले कानूनी कदमों पर निर्भर करेगा।
पुलिस का पक्ष
इस मामले में पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है
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