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Naresh Meena Anshan: नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ी, लगातार उल्टियों के बीच बोले- अनशन तुड़वाने के लिए मजबूर न करें

बारां। किसान नेता नरेश मीणा का आमरण अनशन नौवें दिन भी जारी है। लगातार अनशन के बीच उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उनका शुगर लेवल गिर गया है और उन्हें बार-बार पानी की उल्टियां हो रही हैं। उनके वजन में भी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य को लेकर परिजन, ग्रामीण और समर्थक चिंतित हैं। वे लगातार उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, नरेश मीणा अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपील की है कि उन्हें अनशन तुड़वाने के लिए मजबूर न किया जाए।

2 अक्टूबर से आमरण अनशन पर हैं नरेश मीणा

नरेश मीणा ने किसानों और आमजन की समस्याओं को लेकर 2 अक्टूबर को बारां में आमरण अनशन शुरू किया था। मांगों पर प्रशासन से सहमति नहीं बनने के बाद वे समर्थकों के साथ जयपुर के लिए पैदल मार्च पर निकले थे।7 अक्टूबर को पुलिस ने उन्हें शिवदासपुरा टोल के पास रोक दिया था। अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद वे गांव लौटे और दोबारा अनशन जारी रखा। अब नौवें दिन उनकी सेहत बिगड़ने से आंदोलन को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समर्थकों से अपील

नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समर्थकों से कहा कि उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों और आमजन की मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।उन्होंने इस आंदोलन को केवल अपनी लड़ाई नहीं, बल्कि किसानों और आम लोगों के अधिकारों से जुड़ा संघर्ष बताया है। वहीं, उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए समर्थक और परिजन उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं।

किसानों से जुड़ी हैं कई प्रमुख मांगें

नरेश मीणा ने प्रदेशभर के किसानों और आमजन से जुड़ी कई मांगें उठाई हैं। इनमें डीएपी और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना, खाद की अटैचमेंट और कालाबाजारी पर रोक लगाना शामिल है।इसके अलावा चंबल और बीसलपुर नहरों से टेल तक पानी पहुंचाने, खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली देने और लंबित कृषि बिजली कनेक्शन जारी करने की मांग की गई है। फसल खराबे का सर्वे कराकर बीमा क्लेम और मुआवजा दिलाने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।

कृषि सब्सिडी, उचित मूल्य और अन्य मुद्दे भी शामिल

नरेश मीणा ने कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देने और किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है। इसके साथ निःशुल्क बजरी उपलब्ध कराने और इससे जुड़े मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल है।उन्होंने जेलों में बेहतर व्यवस्था और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया है। इन मांगों के जरिए उन्होंने किसानों के साथ अन्य जनहित के विषयों को भी आंदोलन से जोड़ा है।

बारां जिले की स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग

जिला प्रशासन बारां से जुड़ी मांगों में नाहरगढ़-जलबाड़ा क्षेत्र में वन विभाग की कथित मनमानी रोकने का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा कवाई-चौकी प्लांट में स्थानीय लोगों को रोजगार और उचित वेतन दिलाने की मांग की गई है।नरेश मीणा ने गणेशगंज लिफ्ट नहर की मोटरें ठीक कराकर पानी चालू करने, अवैध शराब कारोबार और उसकी ब्रांचों पर कार्रवाई करने तथा दुग्ध उत्पादकों का बकाया भुगतान दिलाने की मांग भी उठाई है।

प्रशासन और पुलिस की समझाइश जारी

नरेश मीणा के अनशन को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।हालांकि, नरेश मीणा फिलहाल अपनी मांगों पर कायम हैं। उनकी बिगड़ती सेहत के बीच आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा, यह प्रशासन के साथ बातचीत और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करेगा।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

लगातार आमरण अनशन के बीच शुगर लेवल गिरने, उल्टियां होने और वजन घटने की खबरों ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय निगरानी और समय पर उपचार महत्वपूर्ण हैं।फिलहाल नरेश मीणा ने अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। वहीं, परिजन और समर्थक चाहते हैं कि उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लिया जाए।

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Stv News Rajasthan

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