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नागौर सड़क हादसा: खड़े कंटेनर से टकराई कार, दो शिक्षकों की मौत; सदमे में तीसरे शिक्षक ने भी तोड़ा दम

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले के लाडनूं क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े कंटेनर से कार टकराने के हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कार चालक बाबूलाल सुथार (54) और शिक्षक मुमताज खान (52) शामिल हैं। हादसे में कार सवार योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की खबर सुनकर मुमताज खान के साथी शिक्षक जीवनराम बगड़िया की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एक ही दिन में तीन मौतों से क्षेत्र में शोक छा गया। पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मालगांव चौराहे के पास खड़े कंटेनर से टकराई कार

हादसा निम्बी जोधां उपतहसील क्षेत्र में मालगांव चौराहे के पास मंगलवार सुबह हुआ। जानकारी के अनुसार, टोल प्लाजा से करीब तीन किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक कंटेनर रातभर सड़क के बीच खड़ा था। इसी दौरान नागौर की ओर से आ रही कार कंटेनर से टकरा गई।टक्कर इतनी तेज थी कि कार कंटेनर के निचले हिस्से में फंस गई। हादसे में कार चालक बाबूलाल सुथार और शिक्षक मुमताज खान की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुमताज खान सुबह की सैर कर रहे थे और हादसे की चपेट में आ गए।

सामने से आ रहे वाहन की रोशनी से चालक को नहीं दिखा कंटेनर

प्रत्यक्षदर्शियों और घायल योगेंद्र सिंह के अनुसार, सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी के कारण कार चालक सड़क पर खड़े कंटेनर का सही अंदाजा नहीं लगा पाया। स्थिति स्पष्ट होने पर उसने कार दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश की, लेकिन टक्कर से बच नहीं सका।बताया गया कि हादसे से करीब 15 मिनट पहले दोनों ने एक होटल पर चाय पी थी। इसके बाद वे आगे रवाना हुए और कुछ ही देर में दुर्घटना हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

मशक्कत के बाद कार से निकाले गए लोग

हादसे के बाद कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, जेसीबी और एलएंडटी की सहायता ली गई। कार चालक को बाहर निकालने के लिए वाहन की ऊपरी बॉडी तक तोड़नी पड़ी।इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों और मृतकों को राजकीय उप जिला चिकित्सालय, लाडनूं पहुंचाया गया। योगेंद्र सिंह का उपचार शुरू किया गया, जबकि दोनों मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए गए।पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह चारण और थानाधिकारी रोहताश किराड़ ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। मुमताज खान का पोस्टमार्टम दोपहर में और बाबूलाल सुथार का शाम को कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

आदर्श शिक्षक मुमताज खान के निधन से शिक्षा जगत में शोक

मुमताज खान राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडर्न स्कूल, निम्बी जोधां में शिक्षक थे। वह किराए के मकान में रहते थे और नियमित रूप से सुबह-शाम सैर पर जाते थे। हादसे वाले दिन भी वह रोजाना की तरह घर से निकले थे।उनकी पत्नी अपने बेटे रिजवान खान के पास दिल्ली गई हुई थीं। उनकी पुत्रवधू नाजवीन बानो दिल्ली में निजी बैंक में प्रबंधक हैं। उनकी एक बेटी का विवाह हो चुका है। मुमताज खान के पिता हवलदार असगर खान सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई रमजान खान भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी माता अनवर बानो वृद्धावस्था में हैं।मुमताज खान के निधन की खबर से परिवार में शोक छा गया। छोटी बेरी में भी मातम का माहौल रहा। उनकी अंतिम यात्रा में विभिन्न समुदायों के लोग, शिक्षक और क्षेत्रवासी शामिल हुए। विद्यालय में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अवकाश रखा गया।

साथी शिक्षक की मौत का सदमा नहीं सह पाए जीवनराम बगड़िया

मुमताज खान के साथी शिक्षक जीवनराम बगड़िया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, साण्डास में कार्यरत थे। दोनों नियमित रूप से सुबह की सैर पर जाते थे। जीवनराम पिछले चार दिनों से मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल होने के कारण घर पर आराम कर रहे थे।मुमताज खान की मौत की खबर सुनते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें लाडनूं अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉ. कानाराम डूकिया और चिकित्सा दल ने उपचार किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।जीवनराम के पिता का निधन करीब एक महीने पहले हुआ था। परिवार में उनकी 90 वर्षीय मां प्रेमदेवी, पत्नी आशादेवी और मणिपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा इकलौता बेटा सुकित बगड़िया हैं। एक ही दिन में दो शिक्षकों की मौत और तीसरे शिक्षक के निधन से क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। हालांकि, जीवनराम की मौत का चिकित्सकीय कारण अस्पताल की आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट हो सकेगा।

सड़क सुरक्षा और खड़े भारी वाहनों की व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर रातभर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि कंटेनर को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया जाता या पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाते, तो दुर्घटना का जोखिम कम हो सकता था।राष्ट्रीय राजमार्ग पर खराब या खड़े वाहनों के लिए उचित संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है, खासकर रात के समय। हालांकि, इस हादसे के सटीक कारणों और संबंधित जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में कंटेनर सड़क पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

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Stv News Rajasthan

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