धौलपुर में पार्षदों की कार्यशाला: वार्ड विकास, सफाई और टैक्स वसूली पर हुई चर्चा
धौलपुर। नगर परिषद में नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। राजस्थान पत्रिका के जनसरोकार अभियान ‘सेवा का संकल्प’ के तहत हुए इस कार्यक्रम में पार्षदों को निकाय की कार्यप्रणाली, अधिकारों, बजट और विकास कार्यों की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। सभापति गिरीश कुमार गर्ग, आयुक्त विष्णु परमार और वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता अतुल भार्गव ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में सफाई व्यवस्था, सीवरेज, पार्किंग, यूडी टैक्स वसूली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्षदों ने वार्डों की समस्याएं उठाईं और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
नवनिर्वाचित पार्षदों को निकाय की कार्यप्रणाली की जानकारी
कार्यशाला नगर परिषद कार्यालय के सभापति कक्ष में आयोजित हुई। इसका उद्देश्य नए पार्षदों को शहरी निकाय के प्रशासनिक ढांचे और कामकाज की प्रक्रिया से परिचित कराना था। इसमें पार्षदों के अधिकारों, वित्तीय सीमाओं, विकास प्रबंधन और स्वायत्त शासन प्रणाली से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।वरिष्ठ पार्षद एवं अधिवक्ता अतुल भार्गव, आयुक्त विष्णु परमार और सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने पार्षदों को बताया कि वे अपने वार्ड की समस्याओं को नगर परिषद बोर्ड में किस तरह रख सकते हैं। साथ ही, आमजन की शिकायतों के समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
बजट की कमी और विकास कार्यों पर मंथन
कार्यशाला में नगर परिषद की आर्थिक स्थिति और सीमित बजट के कारण विकास कार्यों में आने वाली चुनौतियों पर भी बात हुई। सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने कहा कि शहर में विकास कार्य पार्षदों की सहमति और बोर्ड में चर्चा के बाद किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि शहर के विस्तार को देखते हुए पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर काम हो रहा है। हाल में एक-दो स्थानों पर पार्किंग शुरू की गई है। जल्द ही संतर रोड और चौपाटी क्षेत्र में भी पार्किंग सुविधा शुरू करने की योजना है। इससे बाजार में आने वाले लोगों को वाहन खड़े करने में सहूलियत मिल सकती है।
सफाई व्यवस्था के लिए 340 कर्मचारियों की भर्ती की उम्मीद
धौलपुर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पर भी चर्चा हुई। सभापति ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होने पर नगर परिषद को करीब 340 नए सफाईकर्मी मिल सकते हैं। इससे सफाई कार्यों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि सफाई और सीवरेज कार्यों के लिए दो नई मशीनें भी आने वाली हैं। इसके अलावा, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का प्रस्ताव नगरीय विकास विभाग (DLB) से मंजूरी के अंतिम चरण में बताया गया। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद घरों से कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू करने की योजना है।सभापति ने सीवरेज को शहर की प्रमुख समस्याओं में शामिल बताते हुए कहा कि इंजीनियरों की टीम इसका समाधान तलाश रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल बजट की सीमाओं के कारण सभी कार्य एक साथ कर पाना संभव नहीं है। इसलिए जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर काम किए जा रहे हैं।
यूडी टैक्स वसूली पर सख्ती, बकाया जमा करने पर जोर
कार्यशाला में नगर परिषद की आय बढ़ाने के लिए शहरी विकास कर यानी यूडी टैक्स की वसूली पर भी चर्चा हुई। सभापति गिरीश कुमार गर्ग ने कहा कि परिषद की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए टैक्स संग्रहण जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर देय होने पर संबंधित लोगों को नियमों के अनुसार भुगतान करना होगा और इस मामले में सिफारिशों के आधार पर छूट देने की बात स्वीकार नहीं की जाएगी।सभापति के अनुसार, वर्ष 2007 से टैक्स बकाया होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल मैरिज होम और होटल संचालकों से वसूली की जा रही है। इसके बाद स्कूलों, पेट्रोल पंपों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी टैक्स वसूलने की योजना है। आगे चलकर आवासीय कॉलोनियों पर लागू यूडी टैक्स की वसूली पर भी ध्यान दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि नगर परिषद आगामी बजट में अधिक राशि लाने का प्रयास करेगी। फिलहाल उपलब्ध बजट का बड़ा हिस्सा जलभराव, सीवरेज, सीसी सड़क, नाला निर्माण और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो रहा है।
40 पुराने डस्टबिन तैयार, 200 नए डस्टबिन आएंगे
पार्षदों ने शहर में कचरा उठाने और घर-घर संग्रहण की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई। इस पर आयुक्त विष्णु परमार ने कहा कि मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक और उनकी टीम सफाई व्यवस्था पर लगातार काम कर रही है। बाजारों में रात के समय सफाई की व्यवस्था भी शुरू की गई है।सभापति ने बताया कि खराब हो चुके करीब 40 डस्टबिनों को दोबारा उपयोग योग्य बनाया गया है। इसके अलावा, लगभग 200 नए डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें शहर के प्रमुख स्थानों, बाजारों और चौराहों पर रखा जाएगा, ताकि लोग कचरा निर्धारित स्थानों पर डाल सकें।उन्होंने यह भी बताया कि घर-घर कचरा संग्रहण के लिए बड़ी फर्मों को आमंत्रित किया जा रहा है। उद्देश्य बड़े शहरों की तर्ज पर व्यवस्थित कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
निर्माण कार्यों का भुगतान करने से पहले निरीक्षण की मांग
कार्यशाला में युवा पार्षद सद्दाम, महेन्द्र, इमरान कुरैशी और रिहाना खान ने वार्डों में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि किसी भी कार्य का भुगतान करने से पहले संबंधित पार्षद, अधिकारी और इंजीनियर मौके पर जाकर निरीक्षण करें।पार्षदों का कहना था कि यदि निर्माण में कोई कमी मिले, तो भुगतान से पहले उसे ठीक कराया जाना चाहिए। इससे सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करना है, ताकि कुछ महीनों बाद ही सड़कें या अन्य निर्माण दोबारा खराब न हों।
पार्षदों ने बेहतर कार्य का संकल्प लिया
कार्यशाला के अंत में पार्षदों ने सफेद बैनर पर हस्ताक्षर कर वार्डों में बेहतर विकास कार्य कराने और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।कार्यक्रम में पार्षद भूप सिंह, विष्णु महावर, रिहाना खान, पूरन रजौरिया, सरोज जादौन, राजेश्वरी देवी, इमरान कुरैशी और आमिर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव रखे।कार्यशाला में उठे मुद्दों के बीच अब नगर परिषद के सामने सफाई, सीवरेज, पार्किंग, टैक्स वसूली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार की चुनौती है। इन विषयों पर आगे होने वाली कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि प्रशिक्षण में हुई चर्चा का शहर के विकास और वार्डों की समस्याओं के समाधान पर कितना असर पड़ता है।