अलवर में मुहर्रम पर निकला मातमी ताजिया जुलूस, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा शहर
अलवर शहर में मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में पारंपरिक मातमी ताजिया जुलूस श्रद्धा और गमगीन माहौल में निकाला गया। हजारों अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए, जबकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए।
जामा मस्जिद से रवाना हुआ ताजिया जुलूस
शुक्रवार को रोड नंबर-2 स्थित जामा मस्जिद से 13 फीट का बड़ा और 10 फीट का छोटा ताजिया रवाना हुआ। जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा और जेल चौराहा पहुंचा तथा शाम को कर्बला मैदान में दोनों ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच हुआ मातम
एमडी साहुन खान के अनुसार हजारों अकीदतमंद “या हुसैन” के नारों के साथ जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के साथ पैक भी चल रही थीं, जिनमें शामिल युवक मातम करते हुए आगे बढ़े। ढोल की थाप पर मातम किया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु ताजियों के नीचे से गुजरकर अपनी आस्था व्यक्त करते नजर आए। पूरे मार्ग पर श्रद्धा और अनुशासन का माहौल बना रहा।
रास्ते में प्याऊ, सुरक्षा के लिए 700 पुलिसकर्मी तैनात
जुलूस मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्याऊ लगाकर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की। वहीं, एएसपी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि जिलेभर में करीब 700 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, जिनमें लगभग 300 पुलिसकर्मी शहर और 30 ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। जुलूस के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया गया।