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G7 में मोदी-ट्रंप की मुलाकात के पीछे कूटनीति की लंबी तैयारी, सर्जियो गोर की भूमिका चर्चा में

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को सिर्फ एक औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जा रहा है। करीब 16 महीनों बाद हुई इस मुलाकात ने भारत-अमेरिका संबंधों में आई दूरी को कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रक्रिया में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।

16 महीने बाद आमने-सामने आए मोदी और ट्रंप

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात केवल प्रतीकात्मक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे दोनों देशों के बीच सहयोग को फिर से मजबूत करने की व्यापक कोशिशें शामिल थीं।

बीते महीनों में कई मुद्दों पर बढ़ा था तनाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य कूटनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद सामने आए थे। भारत-पाकिस्तान तनाव, अमेरिका की नीतियों और व्यापारिक फैसलों ने भी रिश्तों को प्रभावित किया। इन परिस्थितियों में दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया था।

सर्जियो गोर की भूमिका पर हो रही चर्चा

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने में अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। उनकी नियुक्ति के बाद दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ा और कई स्तरों पर बातचीत का सिलसिला तेज हुआ। कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि उन्होंने संबंधों में आई दूरी को कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और विश्वास बहाली की दिशा में काम किया।

व्यापार और रणनीतिक सहयोग को मिला नया आधार

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर प्रगति की खबरें सामने आईं। विश्लेषकों का मानना है कि निरंतर संवाद और उच्चस्तरीय बैठकों ने संबंधों को नई दिशा देने में मदद की। इससे रक्षा, आर्थिक सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

G7 में दिखी नई केमिस्ट्री

G7 सम्मेलन में मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत ने यह संकेत दिया कि दोनों देश भविष्य में भी अपने रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण ने दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक माहौल को दर्शाया। जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने का आधार बन सकती है।

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