दौसा एक्सप्रेसवे हादसे की जांच में बड़ा खुलासा, साइन बोर्ड की खामी समेत कई गंभीर लापरवाहियां आईं सामने
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दौसा में हुए भीषण सड़क हादसे की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। आठ लोगों की मौत के बाद गठित मजिस्ट्रेट जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक जांच में संकेत दिया है कि दुर्घटना के पीछे साइन बोर्ड की खामियां, आपातकालीन सेवाओं में कमी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियां प्रमुख कारणों में शामिल थीं। जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजते हुए सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की सिफारिश की है।
साइन बोर्ड की खामी बनी हादसे की बड़ी वजह
दौसा जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले गए। जांच में सामने आया कि एक्सप्रेसवे पर लगाए गए दिशा-सूचक साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं थे और उन पर दिशा बताने वाले ऐरो (Arrow) भी नहीं लगे थे। इसके कारण जयपुर और अजमेर की ओर जाने वाले कई वाहन चालक भ्रमित होकर अचानक वाहन की गति कम कर देते थे, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ जाता था। समिति ने इसे दुर्घटना का प्रमुख कारण माना है।
फायर टीम की देरी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हादसे के बाद पुलिस और एम्बुलेंस समय पर मौके पर पहुंच गई थीं, लेकिन फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग आधे घंटे का समय लग गया। समिति ने इसे गंभीर चिंता का विषय मानते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को प्रमुख हाईवे पर स्थायी रूप से फायर टेंडर तैनात करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता भविष्य में ऐसे हादसों में जनहानि कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बस की सुरक्षा व्यवस्था और हाईवे प्रबंधन में भी मिली कमियां
जांच में बस की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बस में पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट नहीं था, जिससे हादसे के दौरान यात्रियों के बाहर निकलने में कठिनाई हुई। इसके अलावा चालक की संभावित थकान, हाईवे किनारे अवैध पार्किंग और आवारा पशुओं की मौजूदगी को भी दुर्घटना के जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल किया गया है। वहीं बस में आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है और सिगरेट सहित अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा सुधारने की तैयारी
जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है और एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख राजमार्गों पर दिशा-सूचक साइन बोर्डों में सुधार करने की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है। सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय भी लिया गया है, जो नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की निगरानी करेगी। इस बीच जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से फीडबैक लिया। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।