15 अगस्त से ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव, 23 उल्लंघनों पर सड़क पर नहीं लगेगा जुर्माना, चालान सीधे कोर्ट जाएगा
देशभर में 15 अगस्त से ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार अब हेलमेट, सीट बेल्ट, बीमा, परमिट और ओवरलोडिंग समेत 23 प्रकार के ट्रैफिक उल्लंघनों में मौके पर जुर्माना नहीं वसूला जाएगा। ऐसे मामलों में केवल चालान बनाया जाएगा और उसे सीधे संबंधित न्यायालय भेजा जाएगा। इसके बाद अदालत के आदेश के अनुसार ही जुर्माने या अन्य कार्रवाई का निस्तारण होगा।
15 अगस्त से बदलेगी चालान की पूरी प्रक्रिया
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 24 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के तहत मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-200 में संशोधन लागू किया है। इससे पहले जन विश्वास अधिनियम-2026 के तहत संसद ने इन बदलावों को मंजूरी दी थी। नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस या प्रवर्तन अधिकारी मौके पर जुर्माना नहीं वसूलेंगे। नियम तोड़ने पर केवल ई-चालान तैयार होगा, जिसे संबंधित न्यायालय भेजा जाएगा। इसके बाद वाहन चालक को अदालत में उपस्थित होकर या निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना होगा और न्यायालय के आदेश के अनुसार जुर्माना जमा करना होगा।
इन 23 ट्रैफिक उल्लंघनों पर सीधे कोर्ट जाएगा मामला
नई व्यवस्था के तहत कई सामान्य ट्रैफिक उल्लंघनों को कंपाउंडिंग (मौके पर निपटान) की सूची से बाहर कर दिया गया है। इनमें हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना, वाहन का बीमा नहीं होना, बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाना, फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाना, बिना परमिट वाहन चलाना, परमिट की शर्तों का उल्लंघन, ओवरलोड वाहन चलाना, क्षमता से अधिक सवारी बैठाना, वाहन का अवैध मॉडिफिकेशन, मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग, निषिद्ध क्षेत्र में हॉर्न बजाना, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से जुड़े उल्लंघन और आवश्यक दस्तावेजों की कमी जैसे मामले शामिल हैं। अब इन सभी मामलों का अंतिम निस्तारण न्यायालय के माध्यम से होगा।
कुछ मामलों में पहली बार मिलेगी चेतावनी
नई व्यवस्था में वायु और ध्वनि प्रदूषण तथा बिना रजिस्ट्रेशन या फिटनेस वाले वाहन से जुड़े कुछ मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी देने का प्रावधान रखा गया है। यदि वही उल्लंघन दोबारा किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चालान बनाकर मामला कोर्ट भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को पहले नियमों के प्रति जागरूक करना और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
अब तक कई मामलों में वाहन चालक मौके पर ही जुर्माना भरकर मामला समाप्त कर देते थे, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। प्रत्येक उल्लंघन का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामला समाप्त माना जाएगा। इससे चालान के निस्तारण में अधिक समय लग सकता है और वाहन चालकों को न्यायालय की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ेगा। हालांकि सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक नियमों के पालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, मौके पर विवाद और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी तथा सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
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