सहारा इंडिया धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, 3 साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार
सहारा इंडिया परिवार से जुड़े करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में हजारों निवेशकों की करोड़ों रुपये की राशि फंसी हुई है और अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
तीन साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार आरोपी
रायगढ़ पुलिस ने सहारा इंडिया धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने कोतरारोड़ इलाके में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस इसे मामले की जांच में अहम सफलता मान रही है।
हजारों निवेशकों की करोड़ों रुपये की राशि फंसी
पुलिस जांच के अनुसार जिले के 3,848 निवेशकों ने सहारा इंडिया परिवार की विभिन्न योजनाओं में अपनी जमा पूंजी निवेश की थी। आरोप है कि निवेश की अवधि पूरी होने के बावजूद निवेशकों को उनकी परिपक्व राशि वापस नहीं मिली। शिकायतों के आधार पर दर्ज मामले में लगभग 40.78 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस मामले ने बड़ी संख्या में निवेशकों को प्रभावित किया है, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की थी।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच, कई पहलुओं की पड़ताल
निवेशकों की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सहारा इंडिया की शाखा के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों से धन जमा कराया गया, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान शाखा स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई, जिसके आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी, जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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