मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार, किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बीच शुरू हुआ। कांग्रेस ने किसानों से जुड़े मुद्दों, खाद की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), मुआवजा और सरकारी खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा। वहीं उज्जैन भूमि खरीद मामले पर भी विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की। बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
किसानों के मुद्दों को लेकर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष ने प्रदेश में खाद की कमी, सरकारी खरीद व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों, किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर विरोध दर्ज कराया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उज्जैन भूमि खरीद मुद्दे पर सदन में बढ़ा हंगामा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने उज्जैन भूमि खरीद मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करने की मांग की। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई, जिसके बाद सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्षी विधायक आसंदी के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन विधानसभा परिसर में जारी रहा।
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जौरा विधायक धरने पर बैठे
जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने प्रश्न को बार-बार स्थगित किए जाने पर नाराजगी जताई। विरोध स्वरूप वह विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे जनहित के मुद्दों की अनदेखी बताते हुए सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलने पर असंतोष व्यक्त किया। इस घटनाक्रम ने सत्र के पहले दिन की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक चर्चा में ला दिया।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए किसानों की अनदेखी के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान खाद, बीज, उचित मूल्य और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के मुआवजे जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार समाधान की बजाय औपचारिकताओं में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानियों का समय पर समाधान नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग फिर उठी
सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने एक बार फिर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। वह तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार से गाय के संरक्षण तथा उसके बेहतर भरण-पोषण के लिए ठोस नीति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक इस मांग पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे।
कांग्रेस ने जनआंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि किसानों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर उसकी लड़ाई विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगी। विपक्ष का कहना है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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