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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: होमगार्डों को कैशलेस इलाज, नई स्टार्टअप नीति समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, नगरीय विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, नई स्टार्टअप नीति-2026, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, म्यूनिसिपल बॉन्ड, पशुधन बीमा और प्रशासनिक नियमों में संशोधन जैसे कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश के विकास और जनहित को नई गति मिलेगी।

होमगार्डों को मिलेगा पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

कैबिनेट की बैठक में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के हजारों होमगार्ड और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक राहत मिलेगी। लंबे समय से होमगार्ड संगठन इस तरह की स्वास्थ्य सुविधा की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर महत्वपूर्ण राहत देने का फैसला किया है।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का अवसर

प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की विभिन्न सरकारी विभागों में सीधी भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नई पहचान मिलेगी।

नई स्टार्टअप नीति-2026 से युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई। इस नीति के तहत स्टार्टअप इकाइयों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी, कर संबंधी रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्वरोजगार और नवाचार के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी बन सकें। इससे तकनीक आधारित उद्योगों और नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी। इसके अलावा अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों में कार्यरत शिक्षकों के परिजनों को सेवा अवधि के दौरान असामयिक मृत्यु की स्थिति में ग्रेच्युटी देने का निर्णय लिया गया। वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन संबंधी नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति मिली, जिससे संवैधानिक पदों से जुड़े सेवा लाभों को समयानुकूल बनाया जा सकेगा।

नगर विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

बैठक में गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की मंजूरी भी दी गई, जिससे शहरी आधारभूत ढांचे के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी स्वीकृति दी गई, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। वाराणसी रोपवे परियोजना, गोरखपुर में 100 बेड के अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने और ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी देकर सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

प्रशासनिक सुधारों पर भी सरकार का फोकस

योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई सेवा नियमावलियों में संशोधन को भी मंजूरी दी। इनमें सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा सेवा, परिवीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली और वेतन समिति की सिफारिशों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक दक्ष होगी और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

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