जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का आरोप, CJP नेता विजय रेड्डी ने दिल्ली पुलिस को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता विजय रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी मार्च का आह्वान करने की चेतावनी भी दी गई है। ये आरोप CJP नेता की ओर से लगाए गए हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है। CJP नेता विजय रेड्डी ने निर्धारित प्रदर्शन स्थल से जुड़ी व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।रेड्डी का कहना है कि जंतर-मंतर आम जनता के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी।उन्होंने इस फैसले के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश होने का दावा भी किया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। दिल्ली पुलिस का पक्ष भी इस मामले में सामने आना बाकी है।
10 दिन पहले आवेदन करने की शर्त का हवाला
विजय रेड्डी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से 10 दिन पहले आवेदन करने की शर्त का हवाला दिया। उनका कहना है कि इसी आधार पर उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोका गया।रेड्डी ने बताया कि इस मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए 10 दिन का समय दिया जा सकता है।हालांकि, इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस से अपनी मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
CJP नेता ने दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे की समयसीमा दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई जवाब नहीं मिलता है, तो पार्टी आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।विजय रेड्डी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर देशभर के लोगों से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का आह्वान किया जाएगा। उनके बयान के बाद प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद और बढ़ने की संभावना है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली पुलिस इस अल्टीमेटम पर क्या प्रतिक्रिया देती है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
INDIA गठबंधन के विरोध मार्च पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने INDIA गठबंधन के विरोध मार्च पर भी प्रतिक्रिया दी। यह मार्च चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध से जुड़ा बताया गया है।दीपके ने कहा कि वह इस विषय पर फिलहाल टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने अपने बयान में कहा कि हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अदालत की जिम्मेदारी नहीं बताया है।उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर भी सवाल उठाए। दीपके ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम काटे जाने के मुद्दे का जिक्र किया।उनका सवाल था कि यदि मतदाता किसी चुनाव में वोट नहीं डाल पाए, तो क्या उन्हें अगले चुनाव तक इंतजार करने के लिए कहा जा सकता है? उन्होंने इसी संदर्भ में चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल उठाए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का जिक्र
अभिजीत दीपके ने INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को महत्वपूर्ण बताते हुए इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का एकजुट होकर विरोध करना जरूरी है।दीपके के अनुसार, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक देशभर में ऐसे विरोध प्रदर्शन जारी रहने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।हालांकि, चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और प्रदर्शन से जुड़े आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
अब दिल्ली पुलिस के जवाब पर नजर
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर CJP की मांग और विजय रेड्डी के अल्टीमेटम के बाद अब दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।एक ओर पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर अनुमति की प्रक्रिया और लागू शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।यदि तय समयसीमा में जवाब नहीं मिलता है, तो CJP ने देशव्यापी मार्च का आह्वान करने की चेतावनी दी है। आने वाले समय में पुलिस का रुख और पार्टी की अगली रणनीति इस मामले की दिशा तय करेगी।