#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर #सोशल

जयपुर पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: 8 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, 4 और फैक्ट्रियां सीज

जयपुर के खो-नागोरियान इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 8 लोगों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। हादसे की जांच के दौरान पुलिस ने रिहायशी क्षेत्रों में चल रही 4 और अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर छापा मारकर उन्हें सीज कर दिया है। भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। पूरे मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और अवैध कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्लास्ट की भयावह घटना और 8 मौतों की पुष्टि

जयपुर के खो-नागोरियान क्षेत्र में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गाजियाबाद और दिल्ली सहित अलग-अलग राज्यों से हुई है। धमाका इतना भीषण था कि आसपास का इलाका दहल उठा। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मलबे से शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि फैक्ट्री बिना किसी अनुमति के घनी आबादी वाले क्षेत्र में चलाई जा रही थी।

रिहायशी इलाके में चल रही थीं 4 और अवैध फैक्ट्रियां

हादसे के बाद पुलिस ने आयशा कॉलोनी और जावेद नगर में छापेमारी की, जहां 4 और अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित होती मिलीं। इन फैक्ट्रियों को तुरंत सीज कर दिया गया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में पोटाश, बारूद और तैयार पटाखे बरामद हुए हैं। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि विस्फोटक सामग्री की जांच की जा सके। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क और भी बड़े स्तर पर फैला हो सकता है।

भू-माफिया कनेक्शन और लापरवाही का खुलासा

जांच में सामने आया है कि जिस मकान में ब्लास्ट हुआ, उसके मालिक याकूब और कय्यूम भू-माफिया बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों मकानों की बिजली एक ही मीटर से अवैध रूप से चलाई जा रही थी, जिसका इस्तेमाल बारूद पीसने और पटाखे बनाने में किया जा रहा था। इससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

फरार आरोपी और ‘राजा’ की तलाश जारी

पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक अन्य फैक्ट्री ‘राजा’ नामक व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही थी, जो घटना के बाद से फरार है। उसका कनेक्शन गाजियाबाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस अब बिजली बिल, दस्तावेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

सरकार और प्रशासन का सख्त रुख

घटना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया है। जयपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि घनी आबादी में अवैध गतिविधियां किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। फॉरेंसिक जांच के बाद मकान मालिक और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *