धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर हनुमान बेनीवाल का हमला, बोले- युवाओं ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। बेनीवाल ने इसे छात्रों के आंदोलन और युवा एकजुटता की जीत बताते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए था। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से इस्तीफे पर स्पष्ट स्थिति बताने की मांग भी की।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या कहा
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा कि NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद सरकार ने तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों की परिस्थितियों से वे बेहद दुखी हैं और विद्यार्थियों के भविष्य को कानूनी विवादों तथा अन्य परिस्थितियों से बचाने के उद्देश्य से उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपा है।
बेनीवाल बोले- पहले ही दे देना चाहिए था इस्तीफा
हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते, तो आंदोलन की शुरुआत में ही इस्तीफा दे देते। उनके अनुसार ऐसा होने पर आंदोलन के दौरान हुई कई अप्रिय घटनाओं और प्रदर्शनकारियों के घायल होने जैसी परिस्थितियों से बचा जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच शुरू होते ही मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए था।
प्रधानमंत्री से की स्पष्टता की मांग
बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग करती रही है और अब सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
सियासी हलचल हुई तेज
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई संगठनों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है। वहीं, राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।