Blood Donation Types: रक्तदान कितने प्रकार का होता है? जानिए कौन कर सकता है ब्लड डोनेट और किन लोगों को बचना चाहिए
रक्तदान एक ऐसा मानव सेवा कार्य है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। दुर्घटना, ऑपरेशन, कैंसर या गंभीर बीमारियों के दौरान मरीजों को खून की जरूरत पड़ती है। मेयो क्लिनिक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस के अनुसार, रक्तदान के कई प्रकार होते हैं और इसके लिए कुछ जरूरी स्वास्थ्य मानकों को पूरा करना आवश्यक है।
रक्तदान के दो प्रमुख प्रकार, जरूरत के अनुसार होता है इस्तेमाल
मेयो क्लिनिक के अनुसार रक्तदान मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। पहला है व्होल ब्लड डोनेशन, जिसमें शरीर से लगभग आधा लीटर पूरा खून लिया जाता है। बाद में इसे अलग-अलग घटकों में विभाजित कर जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है। दूसरा तरीका एफेरेसिस (Apheresis) डोनेशन है, जिसमें मशीन की मदद से खून का केवल वही हिस्सा लिया जाता है जिसकी मरीज को आवश्यकता होती है, जबकि बाकी खून शरीर में वापस पहुंचा दिया जाता है।
एफेरेसिस डोनेशन में प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और रेड सेल्स शामिल
एफेरेसिस प्रक्रिया के तहत प्लेटलेट डोनेशन, डबल रेड सेल डोनेशन और प्लाज्मा डोनेशन किया जाता है। प्लेटलेट्स कैंसर मरीजों और बड़ी सर्जरी वाले रोगियों के लिए उपयोगी होते हैं। डबल रेड सेल डोनेशन गंभीर एनीमिया या दुर्घटना के शिकार मरीजों के लिए किया जाता है। वहीं प्लाज्मा डोनेशन गंभीर रूप से जले हुए या गंभीर संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के इलाज में मददगार साबित होता है।
कौन कर सकता है रक्तदान?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान करने वाला व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए। उसकी उम्र कम से कम 16 या 17 वर्ष तथा वजन 50 किलोग्राम या उससे अधिक होना चाहिए। रक्तदान के दिन बुखार, सर्दी, खांसी या किसी अन्य संक्रमण की समस्या नहीं होनी चाहिए। रक्तदान से पहले डॉक्टर स्वास्थ्य जांच और जरूरी सवालों के आधार पर पात्रता तय करते हैं।
किन लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कुछ परिस्थितियों में रक्तदान नहीं करना चाहिए। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, हेपेटाइटिस बी या सी के मरीजों के करीबी संपर्क में रहे लोग, हाल ही में असुरक्षित यौन संबंध बनाने वाले व्यक्ति या बिना चिकित्सकीय सलाह के इंजेक्शन वाले नशे का सेवन करने वाले लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी रक्तदान नहीं करने की सलाह दी जाती है।
रक्तदान से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन इसे सही स्वास्थ्य मानकों के साथ करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी सेहत को लेकर कोई संदेह है, तो रक्तदान से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। एक यूनिट खून कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में मदद कर सकता है।