जयपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन में कार्यकर्ता आपस में भिड़े, शहीद स्मारक पर मचा हंगामा
जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार को कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पार्टी के कुछ कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मंच के पास दो गुटों के बीच मारपीट की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। कांग्रेस ने यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया। कार्यक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में चुनाव आयोग कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया गया।
शहीद स्मारक पर प्रदर्शन से पहले भिड़े कार्यकर्ता
सोमवार को शहीद स्मारक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या जुटी थी। मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच के पास ही कुछ कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया।देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के कारण कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया था। पार्टी ‘वोट चोरी’ के आरोपों के साथ SIR, फॉर्म-6 और मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम जैसे मुद्दे उठा रही है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पहले ही इन मुद्दों को लेकर निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
डोटासरा, रंधावा और जूली समेत बड़े नेता मौजूद
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।इसके अलावा पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। शहीद स्मारक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पार्टी के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।
चुनाव आयोग कार्यालय की ओर निकला पैदल मार्च
शहीद स्मारक पर सभा के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया।पार्टी ने पहले ही इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। कांग्रेस के अनुसार प्रदर्शन का उद्देश्य मतदाता अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को उठाना है।
कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से मतदाता सूची में नाम हटाने, नए नाम जोड़ने और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।ये कांग्रेस के आरोप और राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग मौकों पर स्पष्टीकरण भी सामने आए हैं। इसलिए आरोपों और आधिकारिक स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।
निकाय चुनाव के बाद तेज हुई कांग्रेस की सक्रियता
राजस्थान के हालिया निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और बोर्ड गठन को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रशासन के कथित इस्तेमाल तथा पार्षदों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डोटासरा ने भी हाल में ऐसे आरोप लगाए थे। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है और अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों को सामान्य राजनीतिक गतिविधि बताया है।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांग्रेस के प्रदर्शन और पैदल मार्च को देखते हुए शहीद स्मारक से लेकर चुनाव आयोग कार्यालय तक पुलिस की तैनाती की गई। प्रदर्शन स्थल और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ने के बाद पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप किया। आगे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी निगरानी बनाए रखी।
जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की तैयारी
जयपुर के कार्यक्रम के बाद कांग्रेस ने जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी की ओर से जिलों में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
राजनीतिक विवाद के बीच सामने आई मारपीट
कांग्रेस का प्रदर्शन जहां चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के मुद्दों पर केंद्रित था, वहीं कार्यक्रम शुरू होने से पहले कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट ने अलग चर्चा छेड़ दी।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में विवाद की वजह और मारपीट में शामिल सभी लोगों की पहचान को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कार्यक्रम आगे जारी रहा।