सेंट्रल गाजा में इजरायली एयरस्ट्राइक, रिहायशी इमारत पर हमला; 3 लोगों की मौत, कई घायल
गाजा पट्टी में एक बार फिर हिंसा तेज हो गई है। सेंट्रल गाजा के दीर-अल-बलाह इलाके में एक रिहायशी इमारत पर हुए इजरायली हवाई हमले में तीन फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बीच अमेरिका में भी इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं युद्धविराम और शांति वार्ता की कोशिशें भी फिलहाल किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी हैं।
दीर-अल-बलाह में रिहायशी इमारत बनी निशाना
मेडिकल सूत्रों के अनुसार, इजरायली सेना ने सेंट्रल गाजा के दीर-अल-बलाह स्थित एक अपार्टमेंट भवन पर हवाई हमला किया। हमले में इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के क्षेत्र में भी नुकसान पहुंचा। इस हमले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है।
घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका
राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के कारण राहत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
अमेरिका में सैन्य सहायता को लेकर बढ़ी बहस
गाजा में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका में इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर भी सवाल उठने लगे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों ने इजरायल के लिए प्रस्तावित 3.3 अरब डॉलर की सैन्य सहायता पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अमेरिकी सहायता का उपयोग सैन्य अभियानों में हो रहा है, इसलिए इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। हालांकि इस विषय पर अमेरिकी प्रशासन की आधिकारिक नीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।
युद्धविराम के बाद भी जारी है हिंसा
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर में युद्धविराम लागू होने के बाद भी क्षेत्र में हिंसा पूरी तरह नहीं थमी है। इस दौरान 1,100 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत होने का दावा किया गया है। हाल के दिनों में भी कई इलाकों में हवाई हमलों और सैन्य अभियानों की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र की मानवीय स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
शांति वार्ता में अब भी नहीं बनी सहमति
संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इसी सिलसिले में हमास के प्रतिनिधि काहिरा पहुंचे, जहां युद्धविराम के अगले चरण और संभावित समझौते पर चर्चा हुई। वार्ता में हमास के निरस्त्रीकरण, बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की वापसी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अब तक किसी व्यापक समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है। हमास का आरोप है कि लगातार हो रहे सैन्य हमले शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।