होर्मुज में जहाज पर हमला: पुणे के मर्चेंट नेवी इंजीनियर की मौत, भारत ने जताया कड़ा विरोध
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में महाराष्ट्र के पुणे निवासी मर्चेंट नेवी इंजीनियर हेरंभ करमरकर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमले से महज 41 मिनट पहले उनकी अपने परिवार से आखिरी बार बात हुई थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
हमले का शिकार बना व्यापारी जहाज, इंजीनियर की गई जान
जानकारी के अनुसार हेरंभ करमरकर मर्चेंट नेवी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और एमवी जीएफएस गैलेक्सी (MV GFS Galaxy) नामक व्यापारी जहाज पर तैनात थे। जहाज रविवार तड़के ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन सेक्शन में भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उस समय हेरंभ इंजन रूम के पास मौजूद थे और आग की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। जहाज पर मौजूद अन्य अधिकांश क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
परिवार से आखिरी बातचीत के 41 मिनट बाद हुआ हमला
हादसे की सबसे भावुक बात यह रही कि हमले से कुछ ही देर पहले हेरंभ करमरकर ने अपने पुणे स्थित परिवार से फोन पर बातचीत की थी। परिवार के अनुसार रात करीब 2:49 बजे उनकी सामान्य बातचीत हुई थी और उन्होंने सब कुछ सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। लेकिन करीब 41 मिनट बाद जहाज पर हमला हो गया। बाद में कंपनी की ओर से परिजनों को उनके निधन की सूचना दी गई। इस खबर के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
भारत सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति
भारतीय नागरिक की मौत के बाद विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर भारत ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर होने वाले ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और मानव जीवन दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। साथ ही सभी देशों से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव बना चिंता का कारण
पिछले कुछ समय से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र का सुरक्षा वातावरण प्रभावित हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन पर भी पड़ता है।
भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने विदेशों में कार्यरत भारतीय मर्चेंट नेवी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नाविकों और इंजीनियरों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल आवश्यक हैं। सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों के संपर्क में है। हेरंभ करमरकर की मौत ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर निर्दोष नागरिकों तक भी पहुंच सकता है।