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सोनम वांगचुक के अनशन पर दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, तत्काल मेडिकल सहायता की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लंबे समय से जारी अनशन को लेकर अब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। उनकी बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें अदालत से अनुरोध किया गया है कि उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय निगरानी में उनका अनशन समाप्त कराने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका

जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है ताकि वांगचुक को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सकीय निगरानी में इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

बिगड़ती सेहत पर जताई गई चिंता

याचिका में दावा किया गया है कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत लगातार प्रभावित हो रही है। इसमें आशंका व्यक्त की गई है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिली तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसी आधार पर अदालत से मेडिकल जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

अनुच्छेद 21 का दिया गया हवाला

जनहित याचिका में संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि किसी भी नागरिक के जीवन की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि लंबे समय तक चलने वाले अनशन की स्थिति में प्रशासन को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

आंदोलन और मांगें बनी हुई हैं जारी

सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस दौरान वांगचुक ने विभिन्न राजनीतिक दलों और सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की है।

हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं निगाहें

इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। आंदोलन के समर्थकों का कहना है कि वांगचुक के स्वास्थ्य और उनकी मांगों, दोनों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वहीं, कई सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं ने भी उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने की अपील की है।

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