Isarda Dam Project: दौसा-सवाईमाधोपुर के 35 लाख लोगों की बुझेगी प्यास, नवंबर से शुरू होगी पानी की सप्लाई
राजस्थान में ईसरदा बांध परियोजना के जरिए दौसा और सवाईमाधोपुर के बड़े हिस्से में पेयजल पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 3588 करोड़ रुपए की इस परियोजना से 1256 गांवों और छह कस्बों को पानी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे करीब 35 लाख लोगों को फायदा मिलने का अनुमान है। ईसरदा बांध का पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच चुका है और 225 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट की टेस्टिंग चल रही है। शहरी क्षेत्रों में नवंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन और टंकियों का काम पूरा हो चुका है, वहां घरों तक कनेक्शन दिए जाएंगे।
ईसरदा बांध से फिल्टर प्लांट तक पहुंचा पानी
ईसरदा बांध से पानी को फिल्टर प्लांट तक पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है। अब 225 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट की टेस्टिंग की जा रही है।प्लांट के संचालन से पहले तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पानी की सप्लाई शुरू करने की तैयारी है।परियोजना पूरी होने पर दौसा और सवाईमाधोपुर के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
1256 गांव और छह कस्बे होंगे लाभान्वित
ईसरदा बांध परियोजना का दायरा काफी बड़ा है। इसके तहत 1256 गांवों और छह कस्बों तक पानी पहुंचाने की योजना है।परियोजना में करीब 3.06 लाख से अधिक घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।इससे करीब 35 लाख लोगों को नियमित पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर उन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा, जहां गर्मी और भूजल संकट के कारण पेयजल की समस्या बनी रहती है।
नवंबर तक शहरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य
परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों में नवंबर तक पानी की सप्लाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके बाद उन ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पाइपलाइन और जलाशय से जुड़े जरूरी काम पूरे हो चुके हैं।जिन गांवों में घरों तक कनेक्शन की व्यवस्था तैयार होगी, वहां चरणबद्ध तरीके से पानी पहुंचाया जाएगा।
ईसरदा से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन
ईसरदा से महुआ तक करीब 341 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसमें से करीब 299 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है।यानी मुख्य पाइपलाइन का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है। शेष हिस्से में भी काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।इसके साथ ही ईसरदा और बगड़ी में पानी के भंडारण के लिए बनाए जा रहे जलाशयों का काम भी पूरा होने की जानकारी है।
परियोजना पर अब तक 1005.60 करोड़ रुपए खर्च
मुख्य पाइपलाइन और संबंधित कार्यों पर अब तक करीब 1005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।परियोजना की कुल लागत करीब 3588 करोड़ रुपए बताई गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में पाइपलाइन, जलाशय और वितरण नेटवर्क का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।अब मुख्य चुनौती बाकी पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन से जुड़े कामों को समय पर पूरा करना है।
दौसा के 918 गांवों तक पहुंचेगा पानी
दौसा जिले में परियोजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। लालसोट क्षेत्र के 302 गांवों और लालसोट शहर को भी ईसरदा का पानी मिलेगा।लालसोट क्षेत्र में करीब 2002 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें से करीब 124.7 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने की जानकारी है।वहीं दौसा क्षेत्र के 248 गांवों और दौसा शहर के लिए करीब 1709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें लगभग 154 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है।इन क्षेत्रों के अलावा बसवा क्षेत्र के 368 गांव और बांदीकुई शहर भी परियोजना से जुड़ेंगे। इस तरह दौसा जिले के कुल 918 गांवों को योजना का लाभ मिलने की बात सामने आई है।
बसवा और महुआ में भी पाइपलाइन का काम तेज
बसवा क्षेत्र में 368 गांवों और बांदीकुई शहर तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 2077 किलोमीटर पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।इसमें से करीब 1801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। यानी इस क्षेत्र में पाइपलाइन का बड़ा हिस्सा पूरा हो गया है।महुआ क्षेत्र में करीब 315 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें से लगभग 244 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है।
सवाईमाधोपुर के 177 गांव भी परियोजना से जुड़ेंगे
ईसरदा परियोजना का विस्तार सवाईमाधोपुर जिले तक भी है। यहां बौंली के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांव शामिल किए गए हैं।इन तीन क्षेत्रों के कुल 177 गांवों को परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।पाइपलाइन और वितरण नेटवर्क का काम पूरा होने के बाद इन गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे।
ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन पूरी होते ही कनेक्शन
परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ मुख्य पाइपलाइन ही नहीं, बल्कि गांवों के भीतर वितरण नेटवर्क और पानी की टंकियों का काम भी महत्वपूर्ण है।जिन क्षेत्रों में ये काम पूरे हो चुके हैं, वहां घरों तक कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इससे ग्रामीण परिवारों को दूर से पानी लाने की निर्भरता कम होने और नियमित पेयजल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
ईसरदा परियोजना से बदलेगी पेयजल व्यवस्था
ईसरदा बांध परियोजना पूरी होने के बाद दौसा और सवाईमाधोपुर के बड़े हिस्से में पेयजल व्यवस्था को नया आधार मिलने की उम्मीद है।35 लाख लोगों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना में फिल्टर प्लांट, मुख्य पाइपलाइन, जलाशय और गांवों तक वितरण नेटवर्क महत्वपूर्ण कड़ियां हैं।अब नजर नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में पानी की सप्लाई शुरू होने और ग्रामीण इलाकों में बाकी काम पूरे होने पर रहेगी। परियोजना के सभी चरण पूरे होने के बाद ही 1256 गांवों और छह कस्बों तक नियमित पेयजल आपूर्ति की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।