Iran-US War: ‘बढ़त मिलने तक नहीं रुकेगी जंग’, ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान; अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष और तेज होता दिखाई दे रहा है। लगातार नौवें दिन अमेरिकी हमलों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि युद्ध तभी रुकेगा, जब ईरान खुद को मजबूत स्थिति में महसूस करेगा। दूसरी ओर ईरानी सैन्य नेतृत्व ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी नए सैन्य कदम का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। दोनों देशों के आक्रामक रुख ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है।
‘मजबूत स्थिति बनने पर ही होगी बातचीत’ : अब्बास अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को दिए इंटरव्यू में कहा कि किसी भी युद्ध का अंत या तो सैन्य बढ़त से होता है या फिर बातचीत से। उनके अनुसार, वार्ता तभी सार्थक होगी जब ईरान ऐसी स्थिति में हो, जहां उसे अपने पक्ष को मजबूत महसूस हो। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में बातचीत करना राष्ट्रीय हित में नहीं होगा। अराघची ने यह भी कहा कि हर फैसला देश की सुरक्षा, सैन्य स्थिति और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
अमेरिका के लगातार हमले, कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन अभियानों में सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च साइट और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया। उत्तर-पश्चिमी ईरान के तबरीज क्षेत्र में स्थित एक मिसाइल सुविधा में आग लगने की भी खबर सामने आई है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को और तेज कर दिया है।
संघर्ष में बढ़ रहा नुकसान, अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबर
अमेरिकी सेना ने बताया कि उत्तरी इराक में एक बिना फटे ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक घायल हुआ है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, मौजूदा संघर्ष में उसके कई सैनिक हताहत हुए हैं। वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी कार्रवाई की जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा होता जा रहा है।
ईरानी सेना की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के सेंट्रल खातम अल-अंबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका पर ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की एकता किसी भी बाहरी दबाव से अधिक मजबूत है। उनका दावा है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई की तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं उसका निर्णायक और कड़ा जवाब देंगी। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े किसी भी खतरे का पूरी क्षमता के साथ मुकाबला किया जाएगा।
पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता, कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बरकरार
लगातार जारी सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान और तनाव कम करने की अपील कर रहा है।