भारत-जापान के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान की आपत्ति, भारत ने दिया करारा जवाब
भारत और जापान के संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद का उल्लेख किए जाने पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के विरोध को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि संयुक्त बयान पूरी तरह स्पष्ट है और यह दोनों देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा तथा आतंकवाद के खिलाफ साझा सोच को दर्शाता है।
भारत-जापान के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान की नाराजगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की गई। बयान में पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद का भी उल्लेख किया गया। इसी संदर्भ पर पाकिस्तान ने जापान के समक्ष विरोध दर्ज कराया और बयान पर आपत्ति जताई।
भारत का दोटूक जवाब- संयुक्त बयान पूरी तरह स्पष्ट
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि भारत-जापान का संयुक्त वक्तव्य अपने आप में पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि इसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े उन मुद्दों को शामिल किया गया है, जिन पर भारत और जापान का साझा दृष्टिकोण है। भारत ने संकेत दिया कि आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी नीति पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है।
पहलगाम आतंकी हमले की भी हुई कड़ी निंदा
संयुक्त बयान में दोनों प्रधानमंत्रियों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निगरानी टीम द्वारा इस हमले को ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ से जोड़ने का उल्लेख किया गया। बयान में टीआरएफ को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन बताया गया और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर भारत-जापान की साझा रणनीति
भारत और जापान ने अपने संयुक्त बयान में स्पष्ट किया कि दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था के पक्षधर हैं। आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए दोनों देशों ने इनके खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
चाबहार बंदरगाह पर भी विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
विदेश मंत्रालय ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से शहीद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि भारत इस परियोजना को लेकर संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और आगे की रणनीति पर बातचीत जारी है। भारत और ईरान चाबहार बंदरगाह को क्षेत्रीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।