गोविंदगढ़ में हरे पेड़ों की अवैध कटाई, तहसीलदार को शिकायत
अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र के सहजपुर गांव में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने तहसीलदार को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खेत की मेढ़ों पर काटे जा रहे हरे पेड़
सहजपुर गांव में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला मामला सामने आया है, जहां खातेदारी भूमि की मेढ़ों पर लगे हरे पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। शिकायतकर्ता देवेंद्र सिंह के अनुसार मालपुर रोड स्थित स्कूल के सामने खसरा नंबर 203, 204 और 205 की जमीन पर यह कटाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोग मिलकर सुनियोजित तरीके से पेड़ों को काट रहे हैं, जिससे क्षेत्र की हरियाली तेजी से खत्म हो रही है।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि राम सिंह और उसका पुत्र इस अवैध कटाई में शामिल हैं और पेड़ों को ठेकेदार को बेचकर लाभ कमा रहे हैं। आरोप है कि यह काम लगातार किया जा रहा है और प्रशासन की नजरों से बचकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित भूमि मालिक दिल्ली में रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी खुलेआम पेड़ों की कटाई कर रहे हैं।
पहले भी दी जा चुकी है शिकायत
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस मामले को उठाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार 21 मार्च 2025 को भी तहसीलदार को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और वे लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इलाके में पेड़ों की संख्या तेजी से कम हो जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल
एक ओर सरकार बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की अवैध कटाई इन प्रयासों को कमजोर कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
तहसीलदार राजेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें हरे पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत मिली है। मामले की जांच करवाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।