धौलागढ़ देवी माता का लख्यी मेला शांतिपूर्ण सम्पन्न, मावस तक जारी रहेगा श्रद्धालुओं का आना
कठूमर (अलवर)। क्षेत्र के प्रसिद्ध धौलागढ़ देवी माता मंदिर में पंचमी से एकादशी तक आयोजित सात दिवसीय लख्यी मेला सोमवार को प्रशासनिक रूप से सम्पन्न हो गया। मेला ध्वज उतारकर औपचारिक समापन की घोषणा कर दी गई, हालांकि श्रद्धालुओं की आस्था का सिलसिला मावस तक लगातार जारी रहने की संभावना है।
मेले में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, कोलकाता, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रशासन की ओर से मेले के दौरान पुख्ता इंतजाम किए गए। मेला अधिकारी एवं नायब तहसीलदार भनोखर नीतू पारीक ने बताया कि राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। मेला मजिस्ट्रेट तहसीलदार कठूमर भानु प्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी सूर्य प्रकाश शर्मा और सरपंच प्रशासक रामचरण यादव ने पुलिस व प्रशासनिक टीम के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मेले के दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस की 24 घंटे तैनाती और नियमित गश्त के चलते किसी भी अप्रिय घटना पर प्रभावी नियंत्रण रहा।
पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा और आचार्य कपिल पंडा के अनुसार, मावस तक मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहेगा।
मेले की एक विशेष परंपरा भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें हिंदू, मुस्लिम और जैन श्रद्धालु मंदिर परिसर में गोबर से ‘सातिया’ बनाकर मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर चांदी का सातिया चढ़ाया जाता है।
आगरा और जयपुर से आई श्रद्धालु दीपाली जैन, टिया जैन और रश्मि जैन ने बताया कि परिवार सहित यहां आकर मन्नत मांगी जाती है और पूर्ण होने पर चांदी का सातिया अर्पित किया जाता है। इसके साथ ही भक्त माता को भीगे चने, हलवा-पूरी का भोग लगाकर भंडारे का आयोजन भी करते हैं।