ट्रैक्टर की EMI चुकाने के लिए रची खौफनाक साजिश, देवर-देवरानी निकले मां-बेटी के हत्यारे
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में हुए चर्चित मां-बेटी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि आर्थिक तंगी और ट्रैक्टर की फाइनेंस किस्त जमा करने के दबाव में मृतका के ही देवर और देवरानी ने इस दोहरे हत्याकांड की साजिश रची थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर जांच और लगातार की गई पड़ताल के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रिश्तों को किया तार-तार, परिवार के लोगों ने ही रची हत्या की साजिश
प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र स्थित भोपाखेड़ा पाल गांव में 28 मई की रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतका मानकी मीणा के देवर बाबूलाल मीणा और उसकी पत्नी गेंदाबाई ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों पर ट्रैक्टर की फाइनेंस किस्त का दबाव था और आर्थिक परेशानियों से निकलने के लिए उन्होंने अपने ही परिवार को निशाना बना लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लूट का रूप देने के लिए पूरी वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।
आंगन में सो रही मां-बेटी पर किया गया जानलेवा हमला
घटना वाली रात मानकी मीणा और उसकी पुत्री कला उर्फ कमला घर के आंगन में एक ही खाट पर सो रही थीं। देर रात उन पर हमला किया गया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। अगली सुबह परिवार की सदस्य लाली जब घर पहुंची तो मां-बेटी को खून से लथपथ हालत में पाया। कला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि मानकी को अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में उपचार के दौरान उदयपुर में उसकी भी मौत हो गई। घर में टूटे ताले और बिखरा सामान मिलने से शुरू में मामला लूटपाट से जुड़ा प्रतीत हुआ था।
पुलिस ने कई राज्यों में चलाया सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और विशेष जांच टीमों की मदद से जांच शुरू की। सीतामाता अभयारण्य के दुर्गम जंगल क्षेत्र और सीमावर्ती इलाकों में आरोपियों की तलाश की गई। राजस्थान और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया, जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
जंगल से दबोचा गया आरोपी, पूछताछ में खुली पूरी कहानी
11 जून को पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति सीतामाता अभयारण्य के जंगल क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी कर बाबूलाल मीणा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर पत्नी गेंदाबाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने कबूल किया कि आर्थिक संकट और ट्रैक्टर की किश्त चुकाने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने हत्या और लूट की गुत्थी सुलझाई
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि यह मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि वारदात को लूट की घटना जैसा दिखाने का प्रयास किया गया था। लेकिन वैज्ञानिक जांच और लगातार जुटाए गए साक्ष्यों ने सच्चाई सामने ला दी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।