होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी वैश्विक चिंता, मार्को रुबियो बोले- समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी देशों की
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करना चाहता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा केवल अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अन्य देशों को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं सामने आने लगी हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर रुबियो का बड़ा बयान
फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के कुछ तत्व होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभाव बनाए रखकर दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए। रुबियो के अनुसार, अमेरिका अपने दायित्वों का निर्वहन करता रहेगा, लेकिन अन्य देशों को भी सैन्य संसाधनों या वित्तीय सहयोग के माध्यम से योगदान देना चाहिए।
तेल बाजार पर बढ़ते तनाव का असर
मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार पर दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
समुद्री सुरक्षा में साझा भागीदारी की अपील
मार्को रुबियो ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा केवल एक देश के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने अन्य देशों से अपील की कि वे समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी हुई है।
ईरान के साथ बातचीत का विकल्प भी खुला
रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान का रास्ता बंद नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत के जरिए समाधान निकलता है तो यह सभी पक्षों के हित में होगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वार्ता सफल नहीं होती है तो इसके परिणामों का सबसे अधिक असर ईरान पर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत भी मिले हैं, हालांकि इस पर आगे की प्रक्रिया परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत पर भी दी जानकारी
अमेरिकी विदेश मंत्री ने इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, यह घटना किसी हमले का परिणाम नहीं थी, बल्कि एक दुर्घटना थी। उन्होंने बताया कि सैनिक ईरानी ड्रोन के मलबे से मिले एक बिना फटे विस्फोटक को नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई में शामिल था, जिसके दौरान हादसा हुआ। इस घटना की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।