हरिद्वार डबल मर्डर: मंदिर में दो साधुओं की हत्या के बाद जंगल में दफनाए शव, पुलिस ने जांच तेज की
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या और शवों को जंगल में दफनाने की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामले में मुख्य पुजारी समेत कुछ संदिग्धों की भूमिका की जांच तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस व एसओजी की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मंदिर से लापता होने के बाद जंगल में मिले दोनों साधुओं के शव
पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर से दो साधुओं के अचानक लापता होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। मंदिर से जुड़े एक सेवादार ने दोनों के गायब होने पर अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने मंदिर परिसर और आसपास के जंगल में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जंगल में हाल ही में खोदे गए गड्ढों से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
हत्या के बाद शव दफनाने की आशंका, फॉरेंसिक जांच जारी
प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम से मिले संकेतों के अनुसार दोनों हत्याएं अलग-अलग तरीके से की गईं। पुलिस के मुताबिक एक साधु की मौत गला घोंटने से हुई, जबकि दूसरे पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को मंदिर के समीप जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। पुलिस अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मुख्य पुजारी समेत कई संदिग्धों की तलाश तेज
जांच के दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी और हाल ही में वहां ठहरे कुछ साधु-वेशधारी व्यक्तियों की भूमिका संदेह के दायरे में आई है। घटना के बाद से सभी संदिग्ध फरार बताए जा रहे हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रत्यक्ष सूचना से खुला हत्या का राज
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मंदिर में पूजा के लिए आने वाले एक युवक ने पुलिस को सूचना दी थी कि रात के समय मंदिर परिसर में विवाद हुआ था और अगले दिन उसने कुछ लोगों को गड्ढे खोदते हुए देखा। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थानों की खुदाई कराई, जहां से दोनों शव बरामद हुए। पुलिस का मानना है कि इसी सूचना ने पूरे मामले का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई।
हत्या के पीछे कई पहलुओं की जांच
हरिद्वार पुलिस इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है। जांच टीम आपसी विवाद, संपत्ति से जुड़े संभावित मतभेद और अन्य व्यक्तिगत कारणों सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।