हनुमानगढ़: ढाणी में चल रही थी MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, PTI सहित 4 गिरफ्तार
हनुमानगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नोहर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने गांव असरजाना के खेत में बनी ढाणी में चल रही अवैध MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, रसायन और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
खेत की ढाणी में चल रहा था अवैध ड्रग्स निर्माण
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि असरजाना गांव के खेत में बनी ढाणी में कुछ लोग MD ड्रग्स तैयार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर नोहर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि कुछ अन्य लोग फरार हो गए।
भारी मात्रा में रसायन और नशीले पदार्थ बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 212 ग्राम अफीम, 5.36 ग्राम MD ड्रग्स और बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ बरामद किए। इसके अलावा मिथाइल प्रोपियोफेनोन, बेंजीन एसीएस, एसीटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, मिथाइलामीन और एनएमपी जैसे खतरनाक केमिकल भी मिले हैं, जो MD ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होते हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूरा सेटअप एक संगठित ड्रग्स निर्माण यूनिट की तरह काम कर रहा था।
सरकारी PTI सहित चार आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में एक सरकारी स्कूल का PTI (शारीरिक शिक्षक) भी शामिल है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें असरजाना निवासी, जालोर और अन्य जिलों के लोग शामिल हैं। वहीं पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
गुजरात से मंगाए जा रहे थे रसायन
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी सुभाष बिश्नोई है, जिसने अन्य लोगों को ड्रग्स बनाने के लिए तैयार किया था। आरोपी कुछ रसायन गुजरात से लेकर आया था, जबकि कई उपकरण और सामग्री ऑनलाइन मंगवाई गई थी। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
करोड़ों की ड्रग्स बनाने की तैयारी
एसपी के अनुसार बरामद रसायनों से लगभग 1 किलो MD ड्रग्स तैयार की जा सकती थी, जिसकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ रुपये तक होती। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी केवल 10 ग्राम ड्रग्स ही तैयार कर पाए थे, जिसमें से कुछ उन्होंने खुद भी इस्तेमाल किया।
पुराने मामलों में भी शामिल रहा मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सुभाष के खिलाफ पहले से ही NDPS, डकैती, पॉक्सो और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह गुजरात में दर्ज एक MD केस में भी फरार चल रहा था। वहीं अन्य आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि सप्लाई चेन और अन्य कड़ियों का भी खुलासा हो सके।
निष्कर्ष
हनुमानगढ़ की यह कार्रवाई दिखाती है कि नशे के अवैध कारोबार का नेटवर्क अब ग्रामीण इलाकों तक फैल चुका है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से ड्रग्स माफिया को बड़ा झटका लगा है, लेकिन अभी भी कई सवाल और नाम जांच के घेरे में हैं।