गहलोत का BAP को संदेश- कांग्रेस में लौटिए, आदिवासी हित हमारी प्राथमिकता रहे हैं
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों से पहले सियासी हलचल तेज होती दिख रही है। जयपुर में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) से जुड़े 100 से अधिक कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आदिवासी राजनीति, भाजपा, राहुल गांधी, पेपर लीक और प्रदेश की राजनीति को लेकर कई अहम बयान दिए। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज के विकास को प्राथमिकता दी है और BAP को भी व्यापक जनहित में कांग्रेस के साथ आने पर विचार करना चाहिए।
BAP की राजनीति से भाजपा को लाभ मिलने का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनती है, जिसका राजनीतिक लाभ भाजपा को मिलता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी मतों के बंटवारे से भाजपा मजबूत होती है। गहलोत ने आदिवासी समाज और BAP से जुड़े कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि सभी लोकतांत्रिक और समान विचारधारा वाले लोग एक मंच पर आएं तो प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय की वापसी पर कही यह बात
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय की कांग्रेस में वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि वे कुछ गलतफहमियों के कारण पार्टी से अलग हुए थे। उन्होंने कहा कि मालवीय के कार्यकाल में वागड़ क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए और उनकी वापसी से पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भी विश्वास मजबूत हुआ है। गहलोत ने कहा कि अनेक कार्यकर्ता स्वयं कांग्रेस में लौटना चाहते थे और अब उन्हें अपनी पुरानी राजनीतिक पहचान के साथ फिर से काम करने का अवसर मिलेगा।
राहुल गांधी और संसद की कार्यवाही पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में गहलोत ने संसद की कार्यवाही का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद का माइक्रोफोन बार-बार बंद होने की शिकायत सामने आती है तो इस पर स्पष्टता आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने संसद में राजनीतिक विमर्श के स्तर को लेकर भी चिंता व्यक्त की और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की आवश्यकता बताई।
पेपर लीक कानून और भर्ती प्रक्रिया पर सरकार को घेरा
पेपर लीक के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार ने परीक्षा में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान लागू किए थे। उन्होंने दावा किया कि उस कानून में आजीवन कारावास, भारी आर्थिक दंड और संपत्ति जब्ती जैसे प्रावधान शामिल किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून सख्त बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को भी पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना जरूरी है। साथ ही उन्होंने वर्तमान सरकार की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रदेश की राजनीति पर जताया भरोसा
अशोक गहलोत ने दावा किया कि आने वाले समय में राजस्थान की जनता विकास और सुशासन के आधार पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता किसी सरकार को गिराना नहीं, बल्कि जनता के हित में प्रभावी शासन सुनिश्चित करना है। गहलोत ने विश्वास जताया कि प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और आगामी चुनावों में कांग्रेस मजबूत स्थिति में होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश के सभी वर्गों, विशेषकर आदिवासी समाज और युवाओं के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाती रहेगी।
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