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BRICS Summit: सलमान खुर्शीद ने की भारत की कूटनीति की तारीफ, कहा- पहलगाम हमले का जिक्र बड़ी उपलब्धि

BRICS Summit को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है। वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों से मिलने वाले ठोस लाभ पर सवाल उठाए थे। वहीं, सलमान खुर्शीद ने भारत की कूटनीति की तारीफ की है। उन्होंने नई दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद, गाजा और पहलगाम हमले के उल्लेख को महत्वपूर्ण बताया। खुर्शीद के मुताबिक, कई ऐसे मुद्दों पर सहमति बनी, जिन पर आम राय बनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि भारत को इस सहमति का स्वागत करना चाहिए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी चिदंबरम की टिप्पणी से अलग रुख जता चुके हैं।

नई दिल्ली घोषणा-पत्र को खुर्शीद ने बताया अहम

सलमान खुर्शीद ने कहा कि दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन में आम सहमति के बाद नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी किया गया। उनके मुताबिक, भारत ने सम्मेलन में अपनी चिंताओं और विदेश नीति की प्राथमिकताओं को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं की झलक अंतिम घोषणा-पत्र में भी दिखाई देती है। खुर्शीद के अनुसार, घोषणा-पत्र में कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को शामिल किया गया। उनके मुताबिक, इन मुद्दों पर सभी सदस्य देशों की सहमति बनना भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

ईरान-UAE और रूस-चीन की सहमति को बताया महत्वपूर्ण

खुर्शीद ने घोषणा-पत्र पर सदस्य देशों की सहमति को खास तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसमें ईरान और यूएई के साथ रूस और चीन जैसे देशों की भी सहमति शामिल है। कांग्रेस नेता के अनुसार, इन देशों के अपने अलग-अलग रणनीतिक हित हैं। इसके बावजूद फिलिस्तीन और गाजा जैसे मुद्दों पर घोषणा-पत्र में सहमति बनना महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे बहुपक्षीय कूटनीति के लिहाज से सकारात्मक संकेत बताया।

पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र की सराहना

सलमान खुर्शीद ने घोषणा-पत्र में पहलगाम आतंकी हमले के उल्लेख को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनती है, तो भारत को उसका स्वागत करना चाहिए। खुर्शीद ने कहा कि भारत ने लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द झेला है। ऐसे में जरूरी है कि इस तरह की सहमति को आगे बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि इससे भविष्य में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत किया जा सकता है।

पाकिस्तान का नाम नहीं, फिर भी भारत के लिए अहम

खुर्शीद ने कहा कि BRICS में कई ऐसे देश शामिल हैं, जिनके पाकिस्तान के साथ करीबी संबंध हैं। इसके बावजूद पहलगाम हमले के संदर्भ में सहमति बनना महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घोषणा-पत्र में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया है। हालांकि, पहलगाम हमले के संदर्भ में आतंकवाद के खिलाफ बनी सहमति को भारत के लिए सकारात्मक माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह के मंचों पर भारत की चिंताओं को जगह मिलना महत्वपूर्ण है।

चिदंबरम ने BRICS से मिलने वाले लाभ पर उठाए थे सवाल

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने BRICS समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत की भागीदारी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने BRICS, SCO, G20 और QUAD जैसे समूहों का उल्लेख करते हुए कहा था कि भारत इन सभी मंचों का हिस्सा है। हालांकि, उन्हें पिछले कुछ शिखर सम्मेलनों से पहले जैसा ठोस लाभ दिखाई नहीं दिया। चिदंबरम की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय सामने आई। शशि थरूर ने भी इस मुद्दे पर चिदंबरम से अलग रुख अपनाया था।

कांग्रेस में BRICS को लेकर अलग-अलग राय

BRICS Summit पर सलमान खुर्शीद का बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस नेताओं की राय एक जैसी नहीं दिख रही है। एक तरफ चिदंबरम ने मंचों से मिलने वाले व्यावहारिक लाभ पर सवाल उठाए। वहीं, खुर्शीद ने भारत की कूटनीतिक स्थिति और घोषणा-पत्र में शामिल मुद्दों को उपलब्धि के तौर पर देखा। इससे BRICS को लेकर कांग्रेस के भीतर बहस और तेज हो गई है। हालांकि, इन बयानों से पार्टी की आधिकारिक नीति में बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।

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Stv News Rajasthan

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