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जयपुर में तीसरी बेटी के जन्म के बाद नवजात की हत्या, पिता गिरफ्तार

राजधानी जयपुर से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। चंदवाजी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में जन्मी नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत की जांच में पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर तीसरी बेटी के जन्म से नाराज होकर नवजात का गला दबाने का आरोप है। अस्पताल की सूचना के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

अस्पताल से मिली सूचना के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार 29 जुलाई को एक निजी अस्पताल से सूचना मिली कि प्रसूति वार्ड में जन्मी एक नवजात बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर चंदवाजी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा परिजनों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला को 27 जुलाई को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था और अगले दिन उसने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल शुरू की।

पुलिस का आरोप- तीसरी बेटी होने से था नाराज

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी की पहले से दो बेटियां हैं और वह बेटे की उम्मीद लगाए हुए था। पुलिस का आरोप है कि तीसरी बार भी बेटी के जन्म के बाद वह मानसिक रूप से नाराज था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का कहना है कि आरोपी नवजात को वार्ड से बाहर ले गया, जहां कथित रूप से उसका गला दबा दिया। मामले में पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

चिकित्सकीय जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य

पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात नवजात अपनी मां से अलग वार्ड में थी क्योंकि महिला की डिलीवरी ऑपरेशन से हुई थी। सुबह बच्ची के लंबे समय तक कोई हलचल नहीं होने पर अस्पताल स्टाफ ने चिकित्सकों को सूचना दी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिसके बाद मामला संदिग्ध होने पर पुलिस जांच तेज की गई।

विशेष टीम ने जुटाए साक्ष्य, आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अस्पताल परिसर, स्टाफ और परिजनों से जानकारी जुटाने के साथ अन्य तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच जारी है।

समाज के लिए गंभीर चेतावनी बना मामला

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव जैसी सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञ लगातार यह बताते रहे हैं कि बेटियां और बेटे समान अधिकार रखते हैं और लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव सामाजिक तथा कानूनी दोनों दृष्टि से अस्वीकार्य है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

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