अलवर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, बच्चों समेत 9 लोग झुलसे
मासूम बच्चों समेत 9 लोग झुलसे, दाता खोदरीबा गांव में मची अफरा-तफरी
Alwar जिले के टहला क्षेत्र स्थित दाता खोदरीबा गांव में गुरुवार को गैस सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। गैस रिसाव के बाद हुए धमाके में मासूम बच्चों सहित 9 लोग झुलस गए। विस्फोट इतना तेज था कि पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और घर के अंदर मौजूद लोग आग की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
गैस रिसाव के बाद हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे, तभी अचानक सिलेंडर से गैस रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में गैस ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। विस्फोट के बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई, जिससे वहां मौजूद लोग आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मासूम बच्चों समेत 9 लोग झुलसे
इस हादसे में लक्ष्मी, लाडो देवी, मंजू, हैम सिंह और आलोक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं किंलटु, राधेश्याम, अनूप सहित अन्य घायलों का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों की टीम सभी घायलों की लगातार निगरानी कर रही है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
गांव में पसरा दहशत का माहौल
घटना के बाद दाता खोदरीबा गांव में दहशत का माहौल बन गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि दूर तक आवाज सुनाई दी। हादसे के बाद लोगों में गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग राहत व बचाव कार्य में जुटे रहे।
सिलेंडर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस रिसाव की स्थिति में सतर्कता बेहद जरूरी होती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से गैस उपकरणों की नियमित जांच कराने और किसी भी रिसाव की स्थिति में तुरंत सावधानी बरतने की अपील की है।