शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड में यूपी कनेक्शन, 1 करोड़ की सुपारी पर बंगाल पहुंचे शूटर
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के निजी सहायक Chandranath Rath की हत्या मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड का कनेक्शन अब उत्तर प्रदेश से जुड़ता नजर आ रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या की साजिश यूपी में रची गई और शूटरों को पश्चिम बंगाल भेजा गया। मामले में अब तक वाराणसी, अयोध्या और मुजफ्फरनगर से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
वाराणसी से पकड़ा गया विनय राय उर्फ पमपम
सीबीआई ने सोमवार देर रात Vinay Rai उर्फ पमपम को वाराणसी से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार वह इस पूरी साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। बताया गया कि वह बिहार और झारखंड में ट्रक ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता था और लंबे समय से एजेंसियों की नजर में था। गिरफ्तारी के बाद उसे वाराणसी के CJM कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई को ट्रांजिट रिमांड मिला। आरोपी पर हत्या, आपराधिक साजिश, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज बताए जा रहे हैं।
बलिया जेल में बनी थी हत्या की साजिश
जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की साजिश उत्तर प्रदेश की बलिया जेल में तैयार की गई थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी Rajkumar Singh की मुलाकात जेल में कथित मास्टरमाइंड Raj Singh से हुई थी। दोनों के बीच वहीं से संपर्क बढ़ा और बाद में हत्या की योजना तैयार की गई। राजकुमार पहले भी मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामलों में जेल जा चुका था। जांच एजेंसियां अब जेल नेटवर्क और अन्य संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
अयोध्या और मुजफ्फरनगर से भी गिरफ्तारी
इस केस में एक अन्य आरोपी Raj Singh उर्फ चंदन को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि वह लखनऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था और लौटते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वहीं, राजकुमार सिंह को मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से पकड़ा गया। एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपियों की भूमिका हत्या की साजिश और शूटरों की मूवमेंट में अहम रही है।
1 करोड़ की सुपारी और हवाला एंगल की जांच
जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड में कथित 1 करोड़ रुपये की सुपारी और फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार शूटरों को पश्चिम बंगाल भेजने और उनके खर्च की व्यवस्था सुनियोजित तरीके से की गई थी। सीबीआई पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और आपराधिक कनेक्शन खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।