अलवर नगर निगम में AAO से मारपीट मामला गरमाया, कर्मचारियों ने आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग उठाई
अलवर नगर निगम में सहायक लेखाधिकारी (AAO) हरीश जैन के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और सरकारी फाइल जबरन ले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को नगर निगम के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, AAO हरीश जैन और घटना के प्रत्यक्षदर्शी AAO वसीम खान मिनी सचिवालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर आरोपी ठेकेदार प्रवीण चौधरी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।इस दौरान कर्मचारियों ने सचिवालय गेट पर नारेबाजी करते हुए निगम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
AAO वसीम खान ने बताया कि घटना के दिन यदि वह मौके पर मौजूद नहीं होते, तो आरोपी ठेकेदार हरीश जैन के साथ और गंभीर वारदात कर सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
वहीं, AAO हरीश जैन ने बताया कि यह घटना 13 मई को हुई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट 17 मई को दर्ज की। रिपोर्ट के बाद भी आरोपी खुलेआम नगर निगम कार्यालय में आ रहा है और कर्मचारियों को धमकाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें कार्यालय आने-जाने के लिए भी सहकर्मियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जैन के अनुसार, विवाद पोकलेन मशीन किराये पर लेने के टेंडर को लेकर हुआ। उन्होंने और AAO वसीम खान ने सुझाव दिया था कि करीब एक करोड़ रुपये किराये पर खर्च करने की बजाय 40 लाख रुपये में मशीन खरीदना अधिक उपयुक्त रहेगा। हालांकि बाद में लेखाधिकारी हंसराज मीणा की टिप्पणी के बाद मशीन किराये पर लेने का निर्णय लिया गया और NIT जारी की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले इसी कार्य के लिए 765 रुपये की दर थी, लेकिन नए टेंडर में यह बढ़कर 2100 रुपये तक पहुंच गई। सिंगल टेंडर और तीन गुना अधिक दर होने के कारण उन्होंने टेंडर को निरस्त कर पुनः प्रक्रिया कराने की सिफारिश की थी।
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
कर्मचारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी, निगम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।