‘नौकरी का सपना बना डरावना सच’, 14 साल की नाबालिग की दर्दनाक कहानी
नौकरी के झांसे में फंसी मासूम, पुलिस ने बचाया
राजस्थान के झालावाड़ में मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 14 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित मुक्त कराया गया है। पीड़िता ने पुलिस और समाज के सामने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई, जिसमें उसने बताया कि कैसे नौकरी के झांसे में उसे मुंबई ले जाकर देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया। यह खुलासा पूरे इलाके में सनसनी फैला रहा है।
गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर हुआ शोषण
पीड़िता ने बताया कि उसका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पिता की बीमारी और कर्ज के बोझ ने घर की हालत खराब कर दी थी। इसी दौरान एक परिचित महिला, जिसे वह ‘बुआजी’ कहती थी, ने भरोसा जीतकर उसे घरेलू काम और बेहतर जीवन का सपना दिखाया। पहले उसे बूंदी ले जाया गया और कुछ समय बाद बेहतर नौकरी का लालच देकर मुंबई भेज दिया गया, जहां असली साजिश का खुलासा हुआ।
मुंबई पहुंचते ही शुरू हुआ शोषण का सिलसिला
मुंबई पहुंचने के बाद पीड़िता को एक फ्लैट में अन्य लड़कियों के साथ रखा गया। वहां हनीफ नाम का व्यक्ति उन्हें नियंत्रित करता था और पहचान छिपाने की सलाह देता था। शुरुआत में उसे डांस बार में काम कराया गया, लेकिन धीरे-धीरे उसे होटलों और अन्य जगहों पर ग्राहकों के साथ भेजा जाने लगा। विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं और परिवार से संपर्क भी पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
‘बुआ’ ही निकली सबसे बड़ी अपराधी
पीड़िता ने बताया कि जिस महिला पर उसने सबसे ज्यादा भरोसा किया, वही इस पूरे गिरोह का हिस्सा थी। ‘बुआजी’ ने ही उसे इस जाल में फंसाया। उसे सिर्फ रहने की जगह, खाना और कपड़े दिए जाते थे, लेकिन उसकी जिंदगी पूरी तरह कैद में बदल चुकी थी। हाल ही में पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे रेस्क्यू किया गया और वह इस नरक से बाहर निकली।
आजादी तो मिली, लेकिन दर्द अब भी बाकी
रेस्क्यू के बाद जब पीड़िता अपने घर लौटी तो उसे पता चला कि उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। यह खबर उसके लिए एक और बड़ा सदमा बन गई। अब वह सुरक्षित है, लेकिन उसका खोया हुआ बचपन और टूटे सपनों का दर्द उसके साथ है। पुलिस ने इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।