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दिवाली पर चांदी के सिक्के खरीदने से पहले रहें सावधान, ऐसे पहचानें असली और नकली

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन और उपहार देने के लिए चांदी के सिक्कों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान नकली और मिलावटी सिक्के बेचकर ग्राहकों को ठगने का खतरा भी रहता है। गिलट, जर्मन सिल्वर और दूसरी धातुओं पर चांदी जैसी परत चढ़ाकर सिक्के बेचे जा सकते हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय विश्वसनीय दुकानदार, पक्का बिल, वजन और शुद्धता की जांच जरूरी है। केवल सिक्के की चमक देखकर उसकी असलियत तय नहीं करनी चाहिए।

दिवाली पर बढ़ जाती है चांदी के सिक्कों की मांग

दिवाली पर घरों में मां लक्ष्मी की पूजा के लिए चांदी के सिक्के खरीदने की परंपरा है। कई लोग इन्हें परिवार और परिचितों को उपहार के रूप में भी देते हैं। सोने-चांदी की कीमतें अधिक होने के बावजूद लोग अपने बजट के अनुसार खरीदारी करते हैं।त्योहार के दौरान मांग बढ़ने से ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कुछ धोखेबाज दूसरी धातुओं से बने सिक्कों को चांदी का बताकर बेच सकते हैं। ऐसे सिक्कों की चमक देखकर ग्राहक उन्हें असली समझ सकता है। बाद में जांच कराने पर उसकी ठगी का पता चल सकता है।

भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें चांदी

सर्राफा व्यापार कमेटी के अध्यक्ष दीपक गर्ग के अनुसार, सोना-चांदी हमेशा भरोसेमंद दुकान या व्यापारी से खरीदना चाहिए। खरीदारी के दौरान सिक्के का वजन, शुद्धता और उसकी कीमत की जानकारी जरूर लें।उन्होंने खरीद की रसीद संभालकर रखने पर भी जोर दिया। बिल में सिक्के का वजन, शुद्धता और कीमत जैसी जानकारी होनी चाहिए। इससे बाद में किसी तरह की शिकायत होने पर खरीद का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।केवल कम कीमत या आकर्षक डिजाइन देखकर सिक्का नहीं खरीदना चाहिए। दुकानदार से शुद्धता की पुष्टि और उपलब्ध प्रमाण के बारे में जानकारी लेना बेहतर है।

ऐसे करें असली और नकली सिक्के की पहचान

चांदी के सिक्के की असलियत जांचने के कुछ तरीके उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, घरेलू जांच से शुद्धता की पूरी गारंटी नहीं मिलती।

1. हॉलमार्क और शुद्धता के निशान देखें

सिक्के पर .999 या .925 जैसे निशान चांदी की शुद्धता का संकेत दे सकते हैं। लेकिन केवल निशान देखकर सिक्के को असली नहीं मानना चाहिए। नकली सिक्कों पर भी ऐसे निशान बनाए जा सकते हैं। इसलिए हॉलमार्क की प्रामाणिकता और विक्रेता की विश्वसनीयता की पुष्टि करें।

2. वजन और आकार की जांच करें

खरीदते समय सिक्के का वजन और आकार बताए गए विवरण से मिलाएं। यदि वजन में अंतर हो, तो दुकानदार से स्पष्टीकरण मांगें। जरूरत पड़ने पर किसी विश्वसनीय सर्राफ या जांच केंद्र से परीक्षण कराएं।

3. चुंबक से जांच को अंतिम प्रमाण न मानें

शुद्ध चांदी चुंबक से आकर्षित नहीं होती। यदि सिक्का सामान्य चुंबक से चिपकता है, तो उसमें लोहे जैसी चुंबकीय धातु होने की आशंका हो सकती है। हालांकि, चुंबक से न चिपकना इस बात का प्रमाण नहीं है कि सिक्का असली चांदी का ही है। कई नकली धातुएं भी चुंबकीय नहीं होतीं।

4. आवाज से शुद्धता तय न करें

कुछ लोग सिक्के को थपथपाकर निकलने वाली आवाज से चांदी की पहचान करने की कोशिश करते हैं। असली चांदी के सिक्के में स्पष्ट गूंज हो सकती है, लेकिन आवाज सिक्के के आकार, मोटाई और बनावट पर भी निर्भर करती है। इसलिए यह तरीका अकेले भरोसेमंद नहीं है।

5. बर्फ वाला परीक्षण निर्णायक नहीं है

चांदी ऊष्मा की अच्छी चालक होती है। इस कारण उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन दूसरे धातु मिश्रणों में भी ऊष्मा का अच्छा प्रवाह हो सकता है। इसलिए बर्फ से जांच करने पर सिक्के की शुद्धता की पुष्टि नहीं होती।

गिलट और जर्मन सिल्वर के नाम पर हो सकती है ठगी

बाजार में गिलट या जर्मन सिल्वर जैसी दूसरी धातुओं से बने सिक्कों को चांदी जैसा रूप दिया जा सकता है। इन पर चमकदार परत चढ़ाकर ग्राहकों को असली चांदी का सिक्का बताने का जोखिम रहता है।ऐसे सिक्के खरीदने पर ग्राहक को चांदी की कीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि उत्पाद में वास्तविक चांदी बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती। इसलिए खरीद से पहले सामग्री और शुद्धता की स्पष्ट जानकारी लें।जयपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में नकली सिक्कों के कारोबार का दावा किया गया है। हालांकि, इस दावे की व्यापकता की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारियों या जांच एजेंसियों की जानकारी जरूरी है।

शुद्धता की पुष्टि के लिए कराएं जांच

यदि सिक्के की असलियत को लेकर संदेह है, तो घरेलू तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय विश्वसनीय सर्राफ या उपयुक्त जांच केंद्र से परीक्षण कराएं। चांदी की शुद्धता की पुष्टि के लिए पेशेवर जांच अधिक भरोसेमंद विकल्प है।सिक्का खरीदते समय पक्का बिल लें और उसे सुरक्षित रखें। यदि बाद में धोखाधड़ी का संदेह हो, तो बिल और सिक्के के साथ संबंधित उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था या पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।दिवाली पर चांदी का सिक्का खरीदना शुभ अवसर से जुड़ा हो सकता है, लेकिन खरीदारी में सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। भरोसेमंद विक्रेता, सही बिल और शुद्धता की पुष्टि से आर्थिक नुकसान का जोखिम कम किया जा सकता है।

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Stv News Rajasthan

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