रूस-यूक्रेन युद्ध की चपेट में देवरिया का बेटा, ओडेसा हमले में सी-मैन अभिषेक निषाद की मौत
रूस-यूक्रेन युद्ध की आग अब भारतीय परिवारों तक भी पहुंचने लगी है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के 21 वर्षीय सी-मैन अभिषेक निषाद की यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में मौत हो गई। शिपिंग कंपनी की सूचना के बाद परिवार में मातम छा गया है। प्रशासन ने भी परिजनों से संपर्क कर शव को भारत लाने की प्रक्रिया में मदद का भरोसा दिया है।
ओडेसा बंदरगाह के पास हमले में गई जान
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद एक मालवाहक जहाज पर सी-मैन के रूप में कार्यरत थे। वह 10 जून को मुंबई से ‘गोल्डन लियो’ नामक कार्गो जहाज पर सवार होकर रवाना हुए थे। बताया गया कि जहाज यूक्रेन से सीरिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओडेसा बंदरगाह के निकट हुए हमले में जहाज निशाना बना। हादसे के बाद कई क्रू सदस्य लापता हो गए थे और बाद में शिपिंग कंपनी ने अभिषेक की मौत की पुष्टि कर दी।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अभिषेक निषाद अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में उनकी दो बहनें साधना और आराधना हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजन अब भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों की मदद से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी परिवार से संपर्क कर आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है।
देवरिया से दूसरा बड़ा हादसा
यह पहली बार नहीं है जब देवरिया का कोई युवक अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का शिकार बना हो। इससे पहले सुरौली थाना क्षेत्र के शिवानंद चौरसिया की भी जहाज पर हुए हमले में मौत हो चुकी थी। वह इंजन फिटर के रूप में एक विदेशी जहाज पर कार्यरत थे। रोजगार की तलाश में विदेश गए दोनों युवकों की मौत ने जिले में गहरी चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
विदेश मंत्रालय की निगरानी में मामला
भारत सरकार और भारतीय दूतावास इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को भारत लाने सहित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है। युद्धग्रस्त क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।