जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग तेज, पानी की टंकी पर चढ़े छात्र नेता
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जयपुर में छात्र आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े तीन छात्र नेता पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट और ठोस जवाब नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
टोंक फाटक के पास हाई वोल्टेज प्रदर्शन, तीन छात्र नेता टंकी पर चढ़े
राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। टोंक फाटक पुलिया के पास स्थित पानी की टंकी पर राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े तीन छात्र नेता चढ़ गए और वहीं से अपना आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में एनएसयूआई से जुड़े प्रभारी विजयपाल कुड़ी, उपाध्यक्ष कोशेन खान और सदस्य वियोना जाट शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
सरकार से ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने का दावा
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर स्पष्ट और भरोसेमंद जवाब नहीं मिलेगा, तब तक वे पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। उनका दावा है कि पहले भी कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन, ज्ञापन और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात रखी गई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। छात्रों के अनुसार अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय मजबूरी में लिया गया है ताकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
राजस्थान विश्वविद्यालय में आंदोलन जारी, भूख हड़ताल भी जारी
छात्र नेताओं के अनुसार राजस्थान विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर आंदोलन चल रहा है। उनका कहना है कि छात्र नेता शुभम रेवाड़ भी कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि लगातार आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं पुलिस मौके पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने रखीं दो प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने अपनी दो प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। पहली मांग राजस्थान के विश्वविद्यालयों में पिछले चार वर्षों से बंद छात्रसंघ चुनावों को दोबारा शुरू करने की है। दूसरी मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ हुई कथित लाठीचार्ज की घटना और बिहार में छात्रों पर हुई गोलीबारी के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक माफी की है। यह मांगें प्रदर्शनकारियों की ओर से रखी गई हैं। इन घटनाओं और आरोपों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण भी रहे हैं।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए
पानी की टंकी पर छात्रों के चढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात है। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बातचीत के माध्यम से स्थिति को सामान्य बनाए रखना है। फिलहाल आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और छात्रों की मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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