सीकर में गर्भवती पर हमले का दर्दनाक अंजाम, छह माह के भ्रूण की मौत; आरोपी हिरासत में
सीकर जिले के धोद क्षेत्र में गर्भवती महिला पर हुए कथित जानलेवा हमले ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने महिला के गर्भ में पल रहे छह महीने के भ्रूण को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला का इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच तेज कर दी है।
गर्भवती महिला पर हमले के बाद नहीं बच सका अजन्मा शिशु
सीकर जिले के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला पर हुए कथित हमले का बेहद दुखद परिणाम सामने आया है। जयपुर स्थित SMS Medical College Hospital में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने महिला के गर्भ में पल रहे छह महीने के भ्रूण को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि कुछ ही महीनों बाद घर में नई खुशियां आने वाली थीं, लेकिन इस वारदात ने सब कुछ बदल दिया।
आरोपी ने पुलिस दबाव के बीच किया आत्मसमर्पण
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में व्यापक अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार जिलेभर में कई टीमों का गठन किया गया और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लगातार दबाव के बीच आरोपी सुरेश सैनी ने वारदात के करीब 29 घंटे बाद धोद सीओ कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना के विरोध में प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग
हमले की घटना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में धोद थाने के बाहर एकत्र हुए और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। आरोपी के पुलिस हिरासत में आने के बाद सड़क जाम समाप्त कर दिया गया, हालांकि लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
घर में घुसकर हमले का आरोप, मासूम बेटा भी था मौजूद
पुलिस के अनुसार घायल महिला अपने मायके में रह रही थी और घटना के समय अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर पर थी। शिकायत के मुताबिक गांव का ही एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से महिला पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान महिला के शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया। घटना के समय मौजूद तीन वर्षीय बच्चे के कथित बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि प्राथमिक उपचार के दौरान तत्काल सोनोग्राफी की सलाह दी गई थी, लेकिन संबंधित अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण महिला को जयपुर रेफर करना पड़ा। हालांकि चिकित्सकों ने भ्रूण की मृत्यु का कारण गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव बताया है। पोर्टेबल सोनोग्राफी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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