अलवर में महिला आरक्षण लागू करने की मांग तेज, हस्ताक्षर अभियान का आगाज; केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अलवर में महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग को लेकर जिला महिला कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। मोती डूंगरी स्थित नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के कार्यालय से अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री ममता भूपेश और सांसद संजना जाटव ने हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला आरक्षण लागू करने की मांग का समर्थन किया।
महिला कांग्रेस ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
जिला महिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड भेजकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को भी आरक्षण के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई गई। महिला कांग्रेस की सदस्यता बढ़ाने के लिए मिस्ड कॉल अभियान की भी शुरुआत की गई।
टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि महिला आरक्षण कानून पारित होने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में देरी कर रही है। जूली ने कहा कि जनगणना और अन्य प्रक्रियाओं के बाद महिला आरक्षण को लागू कर पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भी इसका लाभ महिलाओं को मिलना चाहिए।
कांग्रेस ने महिला आरक्षण का श्रेय अपने नेतृत्व को बताया
कार्यक्रम के दौरान टीकाराम जूली ने दावा किया कि महिला आरक्षण कानून कांग्रेस के नेतृत्व में आगे बढ़ा और पार्टी लंबे समय से इसके समर्थन में रही है। उन्होंने कहा कि अब जबकि कानून पारित हो चुका है, तो इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूती मिल सके।
राज्य और केंद्र सरकार के मुद्दों पर भी बोले जूली
टीकाराम जूली ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े सुझावों पर कहा कि यदि कोई नई व्यवस्था लागू करनी है तो उसे पूरे देश में एक समान लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विकास के मुद्दों से ध्यान हटाकर धर्म और जाति की राजनीति कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में आशा सहयोगिनियों का आंदोलन लंबे समय से जारी है, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
अतिक्रमण और कोचिंग संस्थानों पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कहा कि पहले निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और उसके बाद ही संचालन की अनुमति दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता और समानता बनाए रखना आवश्यक है।