झालावाड़ में 3 हजार पपीते के पेड़ काटने का मामला, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर किसानों का धरना
झालावाड़ जिले के मिश्रोली थाना क्षेत्र में किसान की फसल को नुकसान पहुंचाने का मामला अब बड़ा आंदोलन बन गया है। गुराड़िया जोगा गांव में एक किसान के खेत में लगे करीब तीन हजार फलदार पपीते के पौधों को अज्ञात लोगों ने काट दिया। घटना के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज किसान शुक्रवार से भवानीमंडी स्थित डीएसपी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
साढ़े पांच बीघा खेत में लगी फसल हुई बर्बाद
किसान नेता लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा के नेतृत्व में चल रहे धरने में किसानों ने बताया कि गुराड़िया जोगा गांव के किसान आयुष पाटीदार के साढ़े पांच बीघा खेत में पपीते की फसल लगी हुई थी।
किसानों के अनुसार, अज्ञात बदमाशों ने रात के समय खेत में पहुंचकर करीब तीन हजार ‘अबीना’ किस्म के पपीते के पौधे काट दिए। इस घटना से किसान को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया जा रहा है।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर किसान अड़े
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि फसल नष्ट करने वालों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पर्याप्त समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।
किसान नेता लक्ष्मण सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक किसान का नुकसान नहीं, बल्कि मेहनत और आजीविका पर हमला है।
बारिश के बीच भी जारी रहा किसानों का प्रदर्शन
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार रात से किसान धरना स्थल पर ही डटे हुए हैं।
बारिश के बावजूद किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। किसानों ने धरना स्थल पर ही भोजन तैयार किया और भजन-कीर्तन के साथ रात बिताई। शनिवार को भी खराब मौसम के बीच बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन में मौजूद रहे।
हनुमान चालीसा पाठ से शुरू किया धरना
किसानों ने आंदोलन की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ की। इसके बाद उन्होंने डीएसपी कार्यालय के बाहर बैठकर प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी।
धरने में किसान आयुष पाटीदार सहित बड़ी संख्या में किसान और पाटीदार समाज के लोग शामिल हुए। किसानों का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन ने किसानों से की बातचीत
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों को समझाने और धरना समाप्त करने की अपील की।
हालांकि किसान अपनी मांगों पर कायम रहे। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस बोली- जल्द समाधान निकालने का प्रयास जारी
भवानीमंडी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि किसान आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन लगातार किसानों के संपर्क में है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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