1.56 लाख आबादी वाले कुरासाओ ने रचा इतिहास, पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में रखेगा कदम
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 किए जाने के बाद कई नए देशों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। इन्हीं में दक्षिण कैरिबियन सागर में स्थित छोटा द्वीपीय देश कुरासाओ भी शामिल है। करीब 1.56 लाख की आबादी वाले इस देश ने पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
अपराजित रहते हुए तय किया विश्व कप का सफर
करीब 443 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले कुरासाओ ने क्वालीफाइंग अभियान में बेहतरीन खेल दिखाया। टीम ने 10 मुकाबलों में सात जीत दर्ज की और पूरे अभियान में एक भी मैच नहीं गंवाया। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उसने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में जगह बनाई। इस उपलब्धि के साथ कुरासाओ उन सबसे छोटे देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने विश्व कप के मुख्य दौर में प्रवेश किया है।
ग्रुप चरण में जर्मनी, इक्वाडोर और आइवरी कोस्ट से मुकाबला
विश्व कप 2026 में कुरासाओ को ग्रुप-ई में रखा गया है, जहां उसके सामने मजबूत टीमों की चुनौती होगी। टीम का पहला मुकाबला 14 जून को जर्मनी से होगा। इसके बाद 20 जून को इक्वाडोर और 25 जून को आइवरी कोस्ट के खिलाफ मैच खेले जाएंगे। फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार यह समूह कठिन जरूर है, लेकिन कुरासाओ के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर भी है।
गर्वाने कस्तानेर और रैंगेलो जानगा पर रहेंगी नजरें
कुरासाओ की आक्रमण पंक्ति में फॉरवर्ड गर्वाने कस्तानेर सबसे बड़े हथियार माने जा रहे हैं। उन्होंने क्वालीफाइंग मुकाबलों में पांच गोल दागकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। वहीं टीम के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर रैंगेलो जानगा भी शानदार फॉर्म में हैं और उनके नाम 21 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं। इन दोनों खिलाड़ियों से टीम को विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
युवा खिलाड़ियों पर भी टिकी हैं उम्मीदें
मिडफील्ड में ताहित चोंग और जुनिन्हो बाकुना जैसे खिलाड़ी टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। ताहित चोंग मैनचेस्टर यूनाइटेड की अकादमी से निकले हैं और उनके अनुभव को टीम के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं 22 वर्षीय राइट-बैक लिवानो कोमेनेंसिया रक्षापंक्ति की जिम्मेदारी संभालेंगे। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के इस मिश्रण के साथ कुरासाओ विश्व कप में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेगा।